संतकबीरनगर। होली पर्व पर मिठाई की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में खोआ से बनी मिठाई और रसगुल्ला अधिक पसंद किया जाता है, लेकिन जो मिठाई हम खरीद रहे हैं क्या वह सही है। इस होली पर मिलावटखोर बची हुई मिठाई का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्हें होली में खपाने की तैयारी कर रहे हैं। इधर खाद्य टीम ने एक क्विंटल दूषित मिठाई बरामद कर उसे नष्ट करा दिया था। ऐसे में मिठाई खरीदते समय सावधानी बरतें।
वहीं एक्सपायर्ड पापड़ व नमकीन भी बाजार में हैं। पिछले साल होली पर 35 किलो एक्सपायर्ड पापड़ बरामद हुआ था। जिसे टीम ने नष्ट कराया था। खाद्य विभाग ने 10 दिन के अंदर बड़ी मात्रा में मिठाइयों को नष्ट कराया है। इनमें सबसे ज्यादा छेना की मिठाइयां शामिल हैं। इसमें 21 फरवरी को गोला बाजार में एक मिठाई की दुकान से 20 किलो दूषित छेना नष्ट कराया।
25 फरवरी को महुली में 50 किलो दूषित मिठाई और 30 किलो दूषित छेना नष्ट कराया। इसके साथ ही 23 फरवरी को इंस्टि्रयल एरिया में एक नमकीन फैक्टरी पर छापा मारा। वहां मिर्च और हल्दी में मिलावट के संदेह पर उसका नमूना लिया और जांच के लिए भेज दिया। खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दुकानों की लगातार जांच की जा रही है, और हिदायत भी दी जा रही है।
चिकित्सकों के अनुसार खराब मिठाई खाने से डायरिया, पेट दर्द और फूड प्वाइजनिंग की समस्या हो सकती है। मांग बढ़ने पर मिठाइयों में मिलावट होने और घटिया व खराब मिठाइयों की बिक्री की आशंका बढ़ जाती है। दूध एवं उससे बनने वाले मावा, पनीर आदि में मिलावट की सबसे ज्यादा संभावना रहती है। ऐसे में इससे बचने के लिए कुछ लोग घरों में ही मिठाई बना लेते हैं। शहर में 70 से ज्यादा मिठाई की दुकानें हैं, जहां त्योहारी सीजन को लेकर मिठाई बनाने का काम शुरू हो चुका है।
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा भी समय-समय पर इसके विरुद्ध अभियान चलाया जाता है, लेकिन इसके बाद भी मिलावटखोरी का यह धंधा जोरों से चल रहा है। त्योहारी सीजन में मिलावटखोर और अधिक सक्रिय होकर आमजन की सेहत से खिलवाड़ करने से भी नहीं चूकते हैं।
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जनपद में नया नहीं है मिलावटखोरी का धंधा
जनपद में मिलावटखोरी का धंधा नया नहीं है। मिलावटखोरों को मोटा मुनाफा कमाने के लिए लोगों की सेहत से खेलना आम बात हो गई है। दीपावली में खोआ, पनीर, दूध, नमकीन के लिए गए खाद्य सैंपलों के संबंध में 19 मामलों में मिलावट होना पाया गया। इन सभी पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिसका मामला सीजेएम न्यायालय में चल रहा है।
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पिछले मार्च में 35 किलो एक्सपायर्ड पापड़ कराया था नष्ट
खाद्य टीम ने पिछले मार्च में मोती चौराहा पर एक फर्म पर छापा मारा था। वहां 35 किलो पापड़ बरामद हुए थे। जो एक्सपायर्ड थे। उसे होली में खपाने की तैयारी थी। टीम ने उसे नष्ट करा दिया था। सैंपल जांच में वह अधोमानक पाया गया था और फर्म पर जुर्माना भी लगा था।
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खराब मिठाई को फिर से कर देते हैं नया
मिठाई की दुकान चलाने वाले दुकानदार जो मिठाई बच जाती है या एक सप्ताह से ऊपर हो जाता है। उसे फिर से पका देते हैं। इसके लिए एक्सपर्ट कारीगर उस बासी मिठाई से चाकलेटी बर्फी बनाते हैं। इनमें वह चीनी का प्रयोग करते हैं। इसके बाद यह फिर बिक्री के लिए तैयार हो जाती है। अगर इसका लगातार सेवन किया जाता है तो वह पेट के लिए हानिकारक होती है। जो मिठाई पकड़ी गई है उसका भी दुकानदार इसी में इस्तेमाल करने वाले थे। लेकिन उनके मंसूबे कामयाब नहीं हुए।
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त्योहारी सीजन के बाद अस्पताल में शुगर, ब्लड प्रेशर से अधिक पेट संबंधी बीमारियों से पीड़ित आते हैं। यदि बाजार से मिठाई खरीदनी है तो वहां की सफाई, मिठाई कब की बनी है इन सब बातों का ध्यान रखें। गुणवत्ता विहीन मिठाई खाने से अस्थमा, शुगर व ब्लड प्रेशर के मरीजों की दिक्कत बढ़ जाती है। इसलिए खानपान का विशेष ख्याल रखें। इसे खाने से पेट संबंधी बीमारी हो सकती है। केमिकल युक्त दूध व अन्य सामग्री लीवर को प्रभावित करती है।
- डॉ. एके मिश्र, फिजिशियन जिला अस्पताल
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मिलावटखोरों के विरुद्ध समय- समय पर छापामारी अभियान चलाया जाता है। अब त्योहार के मौके पर विभाग भी अलर्ट है। जनपद में त्योहारों को देखते हुए छापामार अभियान शुरू कर दिया गया है। 10 दिन में एक कुंतल दूषित मिठाई नष्ट कराया गया है।
- सतीश कुमार, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन