एसपी हीरालाल ने लंबित विवेचना और किशोरियों की बरामदगी न होने के मामलों की रविवार को समीक्षा की। जिले में 307 विवेचनाएं लंबित होने और 17 अपहृत किशोरियों को ढूंढ निकालने के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी से सख्त रुख अख्तियार किया।
एसपी ने थानाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि यदि लंबित विवेचनाएं समय से नहीं पूरी की गई तो संबंधित दरोगाओं की फाइल खुलवा कर जांच कराई जाएगी। जांच में लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई भी होगी। एसपी ने एएसपी को इसकी मानीटरिंग करने का भी निर्देश दिया।
एसपी ने बताया कि छोटे से जिले में 307 विवेचना लंबित रहना इंगित करता है कि समय से विवेचना पूरी करने में लापरवाही बरती जा रही है। सबसे अधिक विवेचनाएं कोतवाली में लंबित है। कोतवाल को स्पष्ट हिदायत दी है कि सभी चौकी इंचार्ज और हल्का दरोगाओं के साथ बैठक कर विवेचनाएं समय से निस्तारित कराएं। जिले में 17 अपहृत किशोरी की बरामदगी नहीं हुई है। सर्वाधिक सात मामले कोतवाली, पांच दुधारा थाने के हैं।
कोतवाल और एसओ दुधारा को निर्देशित किया है कि जल्द अपहृत किशोरियों के साथ आरोपियों को पकड़ना सुनिश्चित करें। एसपी ने कहा कि वह प्रतिदिन जनपद के सभी थानों पर दर्ज होने वाले एनसीआर के मामले को भी निगरानी कर रहे है। एनसीआर के मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी करके उन्हें शांति भंग की आशंका में चालान हर हाल में किए जाने का निर्देश दिया है। निर्देशों की अवहेलना करने वाले थानाध्यक्षों पर भी कार्रवाई होगी।