सेमरियावां। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पुष्टाहार वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा। पोषण ट्रैकर एप से लाभार्थियों का सत्यापन करने के बाद उन्हें पुष्टाहार दिया जाएगा। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजर को प्रशिक्षित किया जाएगा। सीडीपीओ को लखनऊ में प्रशिक्षित किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को सीडीपीओ प्रशिक्षित करेंगे। सेमरियावां ब्लऍक में कुल 237 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इन केंद्रों पर करीब 16 हजार बच्चे अध्ययनरत हैं। जबकि गर्भवती महिला मिलाकर लगभग 17400 लाभार्थी हो जाते हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर छह माह से लेकर छह वर्ष तक के बच्चे, गर्भवती महिलाएं एवं प्रसूता महिलाओं को प्रतिमाह पोषाहार (पुष्टाहार) वितरित किया जाता है। आंगनबाड़ी केंद्रों से गर्भवती महिलाओं, प्रसूता और बच्चों को मिलने वाला पुष्टाहार को लेकर अक्सर अनियमितता की शिकायत प्रशासन से की जाती है।
ऐसे काम करेगा एप : पोषण ट्रैकर एप एक बायोमैट्रिक सिस्टम है। एप पर सभी लाभार्थियों का बायोमेट्रिक सिस्टम से चेहरा, आधार नंबर और मोबाइल नंबर की फीडिंग की जाएगी। इसके बाद सभी लाभार्थियों को इस एप से पोषाहार का वितरण किया जाएगा। एप पर लाभार्थी के अभिभावक में माता, पिता, दादा, दादी में किसी एक का आधार का नंबर डालते ही उनके मोबाइल पर ओटीपी आएगी। ओटीपी को एप पर डालने पर लाभार्थी के चेहरे का सत्यापन होगा।