मेंहदावल। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को पारदर्शी बनाने और फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए ऑनलाइन उपस्थिति शुरू की गई है, लेकिन विकास खंड क्षेत्र में अनियमितता बरतने के मामले सामने आ रहे हैं। इसको लेकर बीडीओ ने एक ग्राम पंचायत सचिव समेत दो को नोटिस जारी कर दो दिनों में जवाब मांगा है।
जानकारी के अनुसार मनरेगा के तहत नरेगा मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम एनएमएमएस नाम से एप जारी किया गया है। इसमें मनरेगा कार्यस्थल पर मेट को कार्य शुरू होने और खत्म होने पर दो अलग-अलग फोटो के साथ उपस्थिति लगानी होती है। इस एप में उपस्थिति लगाने के बाद ही श्रमिकों को उनकी मजदूरी का भुगतान मिल पाता है। लेकिन मेंहदावल विकास खंड के ग्राम पंचायत बेलौली में कार्यरत मेटों की ओर से इस ऑनलाइन उपस्थिति में अनियमितता बरती जा रही है। ऐसे में एनएमएमएस एप का उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा है।
बीडीओ अमरेश सिंह चौहान ने बताया कि ग्राम पंचायत बेलौली में परियोजना बेलौली पुलिया से पीपल के पेड़ तक नाला सफाई एवं खुदाई कार्य का एमआईएस पर किया गया। एनएमएस का अवलोकन किया गया। इसमें पाया गया कि परियोजना पर कुल 43 श्रमिकों का मास्टर रोल जारी किया गया है। इसकी समयावधि दो मई से 17 मई तक है। श्रमिकों की संख्या में अंतर तथा दूसरे पाली में फोटो अपलोड नहीं किया गया। इी क्रम में जिम्मेदारों से दो कार्यदिवस में स्पष्टीकरण मांगा है। ग्राम पंचायत सचिव नेहा सिंह ने कहा कि वह फोटो अपलोड नहीं करती हैं, यह काम रोजगार सेवक का है। इसके बारे में उन्हें कोई पत्र नहीं मिला है। 000000000000
दो बार फोटो अपलोड कर लगानी है उपस्थिति
मनरेगा के तहत कार्य स्वीकृत होने पर मस्टररोल जारी किए जाते हैं। इसके साथ ही मेट की नियुक्ति की जाती है। मेट की ओर से प्रतिदिन कार्य शुरू होने और शाम को कार्य समाप्त होने पर दो अलग-अलग फोटो लेकर एप में अपलोड करने होते है। इसी से श्रमिकों की उपस्थिति लगाई जाती है।