डीएम के समक्ष अपनी बात रखते पूर्व ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख।
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नाथनगर क्षेत्र पंचायत की बैठक में बवाल होने की बीडीओ ने पूर्व में ही आशंका जताई थी। शुक्रवार को यह आशंका सच साबित हुई। दो गुटों के बीच करीब तीन घंटे तक चले तांडव से ब्लॉक परिसर में कोहराम मच गया। और तो और यह सब सीओ और एसओ की मौजूदगी में हुआ। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस खुद को बचाती नजर आई।
नाथनगर ब्लॉक के बीडीओ का प्रभार संभालने वाले डीडीओ रमेशचंदा ने 15 अप्रैल को एसपी को पत्र भेजा था। जिसकी कॉपी डीएम व सीडीओ को भी प्रेषित की थी। इसमें उन्होंने कहा था कि ब्लॉक प्रमुख की अध्यक्षता में क्षेत्र पंचायत नाथनगर की बैठक 21 अप्रैल को पूर्वाह्न 11 बजे होनी है। इसमें अशांति की प्रबल आशंका है। ऐसे में बैठक शुरू होने से एक घंटे पूर्व पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम कराने का निर्देश पुलिस को दिया जाए। शुक्रवार को पूर्वाह्न साढे़ ग्यारह बजे के करीब नाथनगर ब्लॉक सभागार में एडीओ पंचायत दिनेश राय की देखरेख में क्षेत्र पंचायत की बैठक शुरू हुई।
इसी दौरान बीडीओ के उपस्थित न होने पर क्षेत्र पंचायत सदस्य दिग्पाल पाल गुट के लोगों ने बैठक का बहिष्कार करने की बात कही। इसके बाद ब्लॉक प्रमुख शिवनाथ यादव और क्षेत्र पंचायत सदस्य दिग्पाल पाल गुट के लोगों में कहासुनी होने लगी। विवाद बढ़ते-बढ़ते धक्का-मुक्की होने लगी। मामला बढ़ा और ईंट-पत्थर, लाठी-डंडे चलने लगे। इसी बीच 14 राउंड फायरिंग भी हुई। जिससे ब्लॉक परिसर में भगदड़ मच गई। इस दौरान पुलिस बचाव की मुद्रा में दिखी। हालांकि जोगेंद्र यादव नाम का एक सिपाही ने बीच-बचाव करने में काफी मशक्कत की। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सीओ,एसओ, तीन दरोगा और सात सिपाही भी मौजूद रहे।
बीडीओ रमेशचंद्रा ने बताया कि उन्होंने 21 और 22 अप्रैल को आंख का ऑपरेशन कराने के लिए छुट्टी ली है। अवकाश के दौरान उनके वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार को छोड़ कर शेष कार्य को एडीओ पंचायत दिनेश राय को देखने के लिए अधिकृत किया गया था। वैसे क्षेत्र पंचायत की बैठक में बवाल होने की पहले की आशंका को देखते हुए सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था कराने के लिए एसपी,एसओ और सीओ को पत्र भेज दिया था। जो भी घटना हुई,वह नहीं होनी चाहिए थी।