नाथनगर ब्लाॅक मुख्यालय में आयोजित बैठक के बहिष्कार के बाद दोनों पक्षों में हाथापाई भी हुई।
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शुक्रवार को नाथनगर ब्लॉक सभागार में आयोजित क्षेत्र पंचायत की बैठक के दौरान ब्लॉक प्रमुख और पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख के समर्थक आपस में भिड़ गए। विवाद के दौरान दोनों तरफ से जमकर पथराव हुआ। बाद में पुलिस की मौजूदगी में 14 राउंड हवाई फायरिंग भी हुई जिससे भगदड़ मच गई। घटना में 20 से 25 लोगों को मामूली चोटें आई हैं। पथराव और फायरिंग करने वाले सभी पुलिस की नजर से बच निकलने में कामयाब रहे। बवाल की खबर मिलने पर डीएम और एसपी भी मौके पर पहुंच गए। घटना से उपजे तनाव की वजह से ब्लॉक परिसर में पीएसी तैनात कर दी गई।
नाथनगर ब्लॉक की वर्ष 2017-18 की कार्ययोजना तैयार करने के लिए पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बैठक शुरू हुई। सीओ और एसओ की मौजूदगी में ब्लॉक गेट से सिर्फ ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों को ही अंदर जाने की अनुमति दी गई। ब्लॉक सभागार में बैठक की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा नेता एवं पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख दिग्पाल पाल अपने समर्थकों के साथ सभागार में पहुंचे। उन्होंने बैठक में बीडीओ की अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए बैठक निरस्त करने की मांग की। जिस पर बैठक के प्रभारी एडीओ पंचायत दिनेश राय ने उन्हें बीडीओ की अनुपस्थिति में प्रभारी बनाए जाने का पत्र दिखाया। पहले तो पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख समर्थकों ने बैठक का बहिष्कार किया और बाद में कोरम के अभाव का हवाला देकर बैठक स्थगित करने की मांग को लेकर शोर-शराबा शुरू कर दिया।
इसी बात को लेकर सपा नेता एवं ब्लॉक प्रमुख शिवनाथ यादव से पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख दिग्पाल पाल की तीखी नोंकझोंक और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। गेट के बाहर सड़क पर मौजूद ब्लॉक प्रमुख के समर्थकों ने धक्का-मुक्की का नजारा देख कर पथराव शुरू कर दिया। जबाब में दूसरे पक्ष के लोगों ने भी पथराव किया। इससे ब्लॉक परिसर में भगदड़ मच गई। लगभग एक घंटे तक पथराव होता रहा। ब्लॉक प्रमुख और उनके समर्थक ब्लॉक के बाहर सड़क पर जमे रहे तो पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख दिग्पाल समर्थक ब्लॉक के अंदर मोर्चा जमाए रहे। इसी दौरान अचानक हवाई फायरिंग शुरू हो गई और करीब 14 राउंड हवाई फायरिंग हुई। इसी बीच ब्लॉक गेट के निकट स्थित सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राम नारायण यादव के घर पर भी पथराव हुआ। पथराव से कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव और फायरिंग करने का आरोप लगाया है। सूचना पर डीएम मार्कंडेय शाही और एसपी हीरालाल ने पहुंच कर घटना की विस्तृत जानकारी हासिल की। एसपी ने कहा कि सीओ और एसओ के अलावा 15 पुलिस कर्मी बैठक शुरू होने से पूर्व ही पहुंच गए थे। यदि बीडीओ अवकाश पर, थे तो उनकी जगह किसी दूसरे बीडीओ और सीडीओ के साथ एसडीएम को भी बैठक में पहुंचना चाहिए था। पुलिस की मौजूदगी में बवाल हुआ जरूर, लेकिन पुलिस ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया,जिसकी वजह से बड़ी घटना होने से बच गई। इसमें जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा कि बैठक में बीडीओ और सीडीओ को मौजूद रहना चाहिए था। एसडीएम का तो इस बैठक से कोई मतलब ही नहीं है। बीडीओ और सीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है।