केले की खेती करने वाले कटैया गांव निवासी किसान अनिल चौधरी।संवाद
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केले की खेती से सुधर रही आर्थिक स्थिति
एक एकड़ में हुआ चार लाख रुपये का केला
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। कभी गंजी, भरुआ मिर्च और मूंगफली की खेती के लिए मशहूर दोआबा की माटी अब केले का उत्पादन कर किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधार रही है। कटया गांव निवासी अनिल चौधरी मोबाइल के जरिए केले की खेती करने की जानकारी हासिल करके मिसाल कायम कर रहे हैं।
विकास खंड हैंसर बाजार के कटया गांव निवासी अनिल चौधरी जब उच्च शिक्षा ग्रहण करने के बाद रोजगार के लिए भटक रहे थे। उसी समय उनका मोबाइल उनके लिए प्रेरणादायक बन गया। अनिल बताते हैं कि मोबाइल और अन्य मीडिया के माध्यम से केले की खेती का तरीका जाना। उसके बाद दो साल पहले आधा एकड़ में केले की खेती की। 13 माह के भीतर फसल तैयार हुई तो एक लाख 85 हजार रुपये में बेचा। आधा एकड़ में लागत 42 हजार रुपये आई थी। अच्छा मुनाफा होने के बाद मनोबल ऊंचा हुआ तो एक एकड़ में केले की खेती की और करीब चार लाख रुपये आमदनी हुई। अनिल बताते हैं कि उनको देखकर उनके गांव तथा आस-पास गांव के कई किसानों ने इस साल केले की खेती की है। केले की खेती में कम लागत आती है और मुनाफा अच्छा होता है। उन्होंने बताया कि केले का पौधा झांसी से एक कंपनी के माध्यम से मंगाते हैं। एक एकड़ में 17000 से 1800 पौधा लगता है। खास बात यह है कि केले की खेती करने वाले किसान अनिल को अभी तक उद्यान विभाग से कोई प्रोत्साहन नहीं मिला। उनका कहना है कि उद्यान विभाग के अफसर अगर किसानों को केले की खेती के लिए प्रोत्साहित करें तो इस इलाके में अच्छी-खासी केले की खेती होगी और कम लागत में अधिक मुनाफा कमाकर किसानों की आय बढ़ेगी।