संतकबीरनगर। प्रभारी विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट डॉ. दिव्यानंद द्विवेदी की अदालत ने बहला फुसलाकर नाबालिग को ले जाने तथा उसके साथ यौन शोषण करने के आरोपी विवेक उर्फ लाला की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
वादी मुकदमा ने थाना दुधारा में प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया कि उसकी 15 वर्षीय नाबालिग पुत्री को आरोपी अपनी मोटरसाइकिल पर अन्य सहयोगियों के साथ अपहरण कर घर से ले गए। जानकारी होने पर वादी मुकदमा आरोपी के घर पूछताछ के लिए गया तो आरोपियों ने अपशब्द कहते हुए अपमानित किया और जान से मारने की धमकी दी। मामले में पीड़िता ने न्यायालय को दिए गए अपने बयान में कहा कि आरोपी के साथ कांटे, उसके बाद फिर मुंडेरवा से होते हुए मुंबई चली गई थी और दोनों पति-पत्नी की तरह रह रहे थे।
पीड़िता के नाबालिग होने के कारण उसके बयान को तरजीह न देते हुए और केस डायरी के अनुसार पीड़िता की उम्र 16 वर्ष से कम होने के कारण प्रभारी विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट डॉ. दिव्यानंद द्विवेदी की अदालत ने पक्षों की बहस सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य एवं मामले की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए विवेक उर्फ लाला की जमानत खारिज कर दी है।