न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने सुनाया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी की कोर्ट ने किशोरी के अपहरण, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपी बनाए गए युवक की जमानत प्रार्थनापत्र को खारिज कर दिया।
विशेष लोक अभियोजन अधिकारी फौजदारी सत्य प्रकाश ने बताया कि पीड़िता की मां ने थाना धनघटा में तहरीर देकर बताया कि चार जनवरी को दोपहर एक बजे की घटना है। क्षेत्र निवासी 20 वर्षीय आरोपी ने 15 वर्षीय पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले गया। उसने व उसके परिवार के लोगों ने खोजबीन की लेकिन पुत्री का कहीं पता नहीं चला। जिससे परेशान होकर सूचना दी। तहरीर के आधार पर आरोपी के विरुद्ध थाना धनघटा में केस पंजीकृत हुआ। आरोपी ने जमानत प्रार्थनापत्र दाखिल किया। जिसकी सुनवाई न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की कोर्ट में हुई।
आरोपी ने कहा कि 12 जनवरी से जिला कारागार में निरुद्ध है। उसने पीड़िता को न बहलाया-फुसलाया है न ही उसका अपहरण किया है न ही शादी का दबाव ही बनाया है। कोर्ट ने पत्रावली का अवलोकन किया और पीड़िता के पुलिस को दिए बयान और मजिस्ट्रेट के दिए बयान में शारीरिक संबंध बनाए जाने के कथन को देखते हुए तथा धनघटा क्षेत्र के 20 वर्षीय आरोपी की जमानत प्रार्थनापत्र को निरस्त कर दिया।