संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम गजेंद्र की अदालत ने फाइनेंस कंपनी के माध्यम से 90 लाख रुपये गबन करने के मामले में अभय तिवारी, वीरेंद्र व अकरम हुसैन की जमानत प्रार्थना पत्र सुनवाई के उपरांत कुछ शर्तों के साथ स्वीकार कर रिहा करने का आदेश दिया है ।
वादी मुकदमा रघुवीर पुत्र हरीलाल ग्राम प्रजापतपुर गवैया जिला मिर्जापुर ने बताया कि वह प्रगति फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड (नॉर्दर्न आर्क कैपिटल लिमिटेड) प्रधान कार्यालय बंजारा हिल्स, हैदराबाद द्वारा क्षेत्रीय प्रबंधक के रूप में कार्यरत था। यह कंपनी आरबीआई द्वारा मान्यता प्राप्त गैर वित्तीय संस्थान है जो कि गरीब एवं पिछड़े वर्ग की सहायता के तौर पर सूक्ष्म ऋण प्रदान करती है।
आरोपी अभय तिवारी कंपनी की नाथनगर शाखा में शाखा प्रबंधक पर नियुक्त है जबकि दो अन्य वीरेंद्र कुमार और अकरम हुसैन नाथनगर शाखा में प्रगति मित्र पद कार्यरत थे। मिलीभगत करके अगस्त 2025 से दिसंबर 2025 तक 165 लोगों के दस्तावेज लेकर कूट रचित तरीके से ऋण लाभार्थियों को न देकर अपने परिचित अथवा रिश्तेदार तथा मित्रों के खातों में जालसाजी करके ट्रांसफर कर दिए।
इस तरीके से चारों लोगों ने 90 लाख रुपये का गबन किया और एक साथ 31 दिसंबर 2025 के बाद कार्यालय आना बंद कर दिए। वादी मुकदमा जो कि क्षेत्रीय प्रबंधक के रूप में कार्यरत था वह कलेक्शन के लिए फील्ड में गया तो पता चला की उन 165 लोगों को ऋण नहीं दिया गया है तब इस कांड का भंडाफोड़ हुआ।