संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा प्रथम ने महुई हत्याकांड के दो आरोपियों की जमानत सुनवाई के बाद निरस्त कर दी।
खलीलाबाद क्षेत्र के महुई निवासी सुमन यादव ने कोतवाली में प्रार्थनापत्र दिया था कि गांव के बोधनाथ यादव के परिवार से जमीनी रंजिश है। उसी रंजिश को लेकर बोधनाथ यादव, इंद्रजीत यादव, गोरखनाथ यादव, शेषनाथ यादव व बोधनाथ यादव का जीजा पन्ने लाल यादव गोलबंद होकर आठ जून 2024 की शाम को योजनाबद्ध तरीके से घर आए और पति धर्मेद्र यादव को घर से बाहर बुलाए। पति घर से बाहर निकले तभी बोधनाथ व इंद्रजीत ने उनके पति को गोली मार दी।
शोर पर गांव के कई लोग आए और बीच-बचाव किए तो सभी आरोपी उनके पति को व परिवार के लोगों को मरा हुआ समझकर धमकी देते हुए चले गए। मामले में थाना खलीलाबाद में केस पंजीकृत हुआ और आरोपियों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया। आरोपी पन्नेलाल पुत्र पारसनाथ, इंद्रजीत यादव पुत्र रूदल यादव ने जमानत प्रार्थना पत्र सत्र न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद मामले के तथ्य, परिस्थितियों और आरोप की गंभीरता के दृष्टिगत सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा प्रथम ने आरोपी पन्नेलाल यादव व इंद्रजीत यादव की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।