संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा की अदालत ने निकाह का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के मामले में सुनवाई के उपरांत आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
महुली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता ने थाना महुली में प्रार्थना पत्र दिया और आरोप लगाया कि आरोपी कुछ दिनों से निकाह करने की बात कह कर अश्लील मजाक करता रहा। उसको निकाह करने के झांसा में रखकर उसके साथ 22 अक्टूबर को उसके कमरे में घुसकर जबरिया शारीरिक संबंध बनाया। आहट पाकर उसकी बड़ी बहन पहुंची तो आरोपी उसे थप्पड़ मारते हुए भाग गया। मामले में थाना महुली में केस दर्ज हुआ। आरोपी ने जमानत प्रार्थना पत्र सत्र न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया। उसका जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने विरोध किया और तर्क दिए कि आरोपी का कृत्य गंभीर श्रेणी में आता है तथा आरोपी ने एक महिला को निकाह के लिए अपने झांसे में लेकर उसका जीवन बर्बाद करने का कार्य किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सत्र न्यायाधीश मोहनलाल विश्वकर्मा ने आरोपी इमरान की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।