न्यायालय सत्र न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा प्रथम की कोर्ट ने अन्य व्यक्ति के स्थान पर खड़ा होकर स्वयं को प्रतिरूपित करते हुए और उसकी फर्जी आईडी लगाकर बैनामा कर तीन लाख पच्चीस हजार रुपये प्राप्त करने के मामले में आरोपी बनाए गए संताष विश्वकर्मा की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद निरस्त कर दिया।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि उर्मिला देवी पत्नी विष्णु प्रताप सिंह निवासी ग्राम बयारा थाना कोतवाली खलीलाबाद ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह और उसके पति के भाई की पत्नी प्रेम शीला जमीन लेना चाहती थी। जिगिना थाना धनघटा निवासी किशुन देव पुत्र ढुल्लू पांडे उर्फ धुल्लुर पांडे ने बताया कि उनके गांव में जमीन बिक रहा है। जमीन लेने के बाद एक अगस्त 2021 को पीड़ित खेतों की जुताई के लिए ग्राम जिगिना पहुंची तो पता चला कि जिस जमीन को उसने बैनामा कराया। लेकिन बेचा ही नहीं गया है।
जमीन बेचने की मध्यस्थता करने वाले किशुन देव उनके लड़के अभिषेक, अभिषेक पुत्र मूलचंद निवासी ग्राम जिगिना थाना धनघटा अपने को श्यामदेव, तमेसर, मोतीलाल प्रतिरूपित कर दूसरे व्यक्ति का फर्जी वोटर आईडी कार्ड बनाकर जालसाजी कर दूसरे की जमीन बिना किसी अधिकार के बैनामा कर उनके साथ ठगी किया है। कोर्ट के आदेश पर थाना धनघटा में किशुन देव व पांच अन्य आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज हुआ। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी संतोष कुमार विश्वकर्मा निवासी ग्राम सेमरी थाना धनघटा की जमानत अर्जी निरस्त कर दिया।