संतकबीरनगर। सत्र न्यायाधीश महेन्द्र प्रसाद चौधरी की कोर्ट ने पत्नी के साथ क्रूरता करने, दहेज उत्पीड़न और पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी पति नवी अहमद की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद खारिज कर दी।
महुली पुलिस को मृतका गुलशन अंसारी के पिता नईम अहमद निवासी बंडा बाजार उर्फ बरांडा ने तहरीर में बताया कि बेटी गुलशन का विवाह वर्ष 2015 में नबी अहमद ग्राम टेटार थाना महुली के साथ किया। बेटी के पति नबी अहमद, सास फातिमा, देवर वसी अहमद, ननद शकीना, ससुर मुस्लिम दहेज के लिए उसे मारने-पीटने लगे। उसने न्यायालय में मुकदमा दाखिल किया। 20 जुलाई 2024 को समझौते के बीच पति नबी अहमद ने स्वीकार किया कि अब प्रताड़ित नहीं किया जाएगा। विदा कराकर ले गए। छह सितंबर 2024 को सभी मिलकर उसकी पुत्री को मारपीट कर हत्या कर दिए और आत्महत्या का रूप देने के लिए छत की कुंडी से बांधकर लटका दिए।
थाना महुली में केस दर्ज हुआ। मृतका के पति नबी अहमद ने सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल किया। सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश महेन्द्र प्रसाद चौधरी की कोर्ट ने पति नवी अहमद की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।