कहीं शौचालय बदहाल, कहीं हैंडपंप खराब
चहारदीवारी नहीं होने से परिषदीय स्कूलों के बच्चों की सुरक्षा का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
बेलहर। कायाकल्प योजना से भी परिषदीय स्कूलों की दशा सुधर नहीं पाई है। बेलहर क्षेत्र के कई परिषदीय स्कूलों में शौचालय बदहाल हैं तो कई जगह हैंडपंप खराब हैं। कुछ जगहों पर बिजली का कनेक्शन भी नहीं है। चहारदीवारी और गेट नहीं होने से बच्चों की सुरक्षा पर भी खतरा बना हुआ है।
प्राथमिक विद्यालय लोहरौली मिश्र के परिसर में लगा हैंडपंप खराब है। दूसरा हैंडपंप लगा लेकिन उसका चबूतरा नहीं बना है। इससे बच्चों व शिक्षकों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापक शैलेंद्र कुमार ने बताया कि विद्यालय की चहारदीवारी नीची है। गेट भी नहीं बना है। इससे गांव के लोग गंदगी फैलाते रहते हैं। विद्यालय में 105 बच्चों का नामांकन है। 55 बच्चे उपस्थित पाए गए। अभी तक 99 बच्चों को डीबीटी योजना के तहत स्वेटर, जूता, मोजा की रकम शासन से उनके अभिभावकों के खाते में भेजी गई है। शेष बच्चों को अभी योजना का लाभ नहीं मिला है।
प्राथमिक विद्यालय देवपुर में प्रभारी प्रधानाध्यापक मोहम्मद सलीम ने बताया कि शौचालय खंडहर में तब्दील हो चुका है। चहारदीवारी चारों तरफ नहीं बनी है। विद्यालय के पीछे आमी नदी बहती है। इससे बरसात के दिनों में चहारदीवारी नहीं होने से बच्चों को नदी से खतरा बना रहता है। विद्यालय में 106 बच्चों का नामांकन है लेकिन 51 बच्चे उपस्थिति मिले। शासन से 86 बच्चों को डीबीटी योजना की रकम उनके अभिभावकों के खाते में पहुंच चुकी है। शेष बच्चों को अभी योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने बताया कि बच्चों की संख्या के हिसाब से पढ़ाने के लिए पांच कमरे होने चाहिए, लेकिन दो कमरों में बच्चों को पढ़ाने की मजबूरी है। यहां भी शिक्षकों की कमी है।
प्राथमिक विद्यालय कुसुरू खुर्द में चहारदीवारी चारों तरफ से टूट कर गिर चुकी है। बच्चे चटाई पर बैठ कर शिक्षा ले रहे थे। प्रभारी प्रधानाध्यापक जज प्रसाद ने बताया कि चारों तरफ से चहारदीवारी टूट कर गिर चुकी है और गेट भी टूट गया है। उन्होंने बताया कि कई बार लिखित शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी को दी गई है लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। 105 बच्चों का नामांकन है लेकिन 66 बच्चे उपस्थित पाए गए। 13 बच्चों को डीबीटी योजना की रकम अभी तक नहीं मिली है।
प्राथमिक विद्यालय छितरापार परिसर में बना शौचालय जर्जर हो चुका है। बिजली कनेक्शन नहीं है। प्रभारी प्रधानाध्यापक संजय कुमार गौड़ ने बताया कि विद्यालय परिसर में बरसात के दिनों में पानी भर जाता है। इससे बच्चों को पढ़ाने में दिक्कत होती है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में गेट नहीं है। बिजली कनेक्शन भी नहीं है। नामांकन 102 बच्चों का है लेकिन 78 बच्चे उपस्थित पाए गए हैं। डीबीटी योजना की रकम 89 बच्चों के अभिभावकों के खाते में आने वाली है। जो समस्याएं हैं, उसके संबंध में लिखित रूप से खंड शिक्षा अधिकारी को कई बार प्रार्थनापत्र दे चुके हैं। उसके बाद भी समस्याएं बनी हुई हैं। यहां का शौचालय जर्जर हो चुका है लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी जनार्दन प्रसाद ने बताया कि विद्यालय में जो कमियां हैं, उन्हें दूर कराने का प्रयास किया जा रहा है। हैंडपंप की मरम्मत के लिए ब्लॉक के अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। डीबीटी योजना का लाभ हर बच्चों को दिलाना प्राथमिकता में शामिल है। शौचालय के लिए डीपीआरओ से बात हो गई है। जल्द ही शौचालय का निर्माण शुरू हो जाएगा। जहां बिजली का कनेक्शन नहीं है, वहां कनेक्शन कराया जाएगा।