यात्री सुविधाओं को लेकर परिवहन निगम गंभीर नहीं है। स्थिति यह है कि मेंहदावल बाईपास चौराहे पर ओवरब्रिज के नीचे किसी तरह रोडवेज कार्यालय काम कर रहा है। न तो यहां कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था है और न ही यात्रियों के लिए शेड का ही इंतजाम हो सका है। गर्मी में आसमान के नीचे यात्रियों को बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। लोग गर्मी से परेशान हैं, लेकिन जिम्मेदारों को इसकी फिक्र नहीं है। वर्ष 1997 में संतकबीरनगर जिले का गठन हुआ था। तभी से परिवहन निगम डिपो के लिए जमीन की तलाश कर रहा है। कई बार प्रस्ताव बना और जमीन भी देखी गई, लेकिन अब तक जमीन फाइनल नहीं हो सकी है। इसका असर यात्रियों पर पड़ रहा है। स्थिति यह है कि गर्मी में यात्रियों को मुसीबत झेलना पड़ रहा है। खुले आसमान के नीचे बसों के इंतजार में घंटो यात्रियों को खड़ा रहना पड़ रहा है। शेड के अभाव में यात्री ओवरब्रिज के नीचे खड़े होने को मजबूर हो रहे हैं। 15 जून के बाद से बरसात का सीजन शुरू हो जाता है, ऐसे में यात्रियों की मुसीबत और बढ़ने वाली है। बसों के आने के बाद बस पकड़ने के लिए लोगों को सड़क पार कर आना पड़ रहा है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
यात्री रमेश ने कहा कि परिवहन निगम यात्रियों को सुविधा देने में नाकाम साबित हो रहा है। शेड न होने से खुले आसमान तले खड़ा होकर बस का इंतजार करना पड़ रहा है। गर्मी के कारण लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। यात्री सुशील मणि त्रिपाठी ने कहा कि जिला गठन हुए करीब 17 साल हो गए, लेकिन अभी तक डिपो की स्थापना नही हुई। जिससे मुसीबत झेलनी पड़ रही है। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर कब डिपो की स्थापना होगी और अब समस्या से निजात मिलेगी। एआरएम ने बताया कि यात्रियों की समस्या शीघ्र ही दूर कर ली जाएगी। डिपो की स्थापना के लिए जमीन की तलाश की जा रही है।