संतकबीरनगर। जिले में 66 स्कूली वाहन बिना फिटनेस के धड़ल्ले से सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। बार-बार चेतावनी देने के बाद भी इन स्कूली वाहनों के संचालकों ने अपने वाहनों का फिटनेस टेस्ट नहीं कराया है। जानकारी होने के बाद परिवहन विभाग ऐसे वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की तैयारी में है।
स्कूलों में बच्चों को लाने वाले वाहनों का फिटनेस और परमिट अनिवार्य है। ऐसे वाहनों को एआरटीओ से फिटनेस व परमिट लेनी पड़ती है। अगर यह वाहन फिटनेस टेस्ट में पास होते हैं, तभी इनको स्कूली बच्चों को स्कूल ले जाने के लिए एनओसी दी जाती है। एआरटीओ की तरफ से डीआईओएस को ऐसे 83 स्कूली वाहनों की सूची दी गयी थी, जिनकी फिटनेस समाप्त हो चुकी थी। डीआईओएस ने 17 दिसंबर को सभी स्कूल संचालकों को नोटिस भेजा था। वाहन संचालकों को 18 दिसंबर तक वाहन के कागजात दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए थे।
नोटिस के बाद एआरटीओ कार्यालय पर लगे कैंप में मात्र 17 स्कूली वाहन ही फिटनेस के लिए पहुंचे। जिनमें से चार वाहन सही मिलने पर उनका फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किया गया था। बाकी के वाहनों को सही कराकर कार्यालय आने का निर्देश दिया गया था। अब तक 66 वाहन संचालकों ने अपने वाहन को फिटनेस के लिए एआरटीओ कार्यालय पर नहीं भेजा है। एआरटीओ कार्यालय की तरफ से ऐसे वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।