संतकबीरनगर। बखिरा थाना क्षेत्र के महला गांव में शादी समारोह के दौरान हुई मारपीट का विरोध करना एक युवक और उसके भाई को महंगा पड़ गया। पीड़ित का आरोप है कि शिकायत करने पर गांव के 12 लोगों ने लाठी-डंडे और ईंट से हमला कर दिया। पुलिस ने पीड़ित की प्राथमिकी नहीं दर्ज की। इसके बाद पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर बखिरा पुलिस ने 12 नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
महला गांव निवासी बालकेश ने न्यायालय में दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि नौ मई 2026 को उसके घर शादी में आए अजीत और आजाद के साथ गांव के राकेश, सुग्रीव और करन आदि ने मारपीट की।
पीड़ित के अनुसार अगले दिन 10 मई की सुबह करीब 6:30 बजे वह अपने भाई अभिमन्यु के साथ शिकायत करने जित्तू के घर गया। इसी दौरान राकेश, सुग्रीव और करन समेत अन्य लोग भी वहां पहुंच गए।
आरोप है कि सभी ने गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर लाठी-डंडे, पंच तथा ईंट से हमला कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद उसकी जान बच सकी।
घटना के बाद पुलिस ने उसका और उसके भाई का चिकित्सकीय परीक्षण तो कराया, लेकिन उनकी ओर से प्राथमिकी दर्ज नहीं की। उल्टे उनके खिलाफ ही बखिरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। एसओ उमाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन एसीजेएम के आदेश पर राकेश, सुग्रीव, करन, शिवा, विजय कुमार, रामा, चंदू, रामवृक्ष, राज, नीरज, भीम उर्फ अविनाश तथा भगवानदास के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।