उप स्वास्थ्य केंद्र बघौली में प्रदर्शन करती आशा कार्यकर्ता-संवाद
संतकबीरनगर। प्रदेश सरकार की ओर से हड़ताल पर रोक लगाने को लेकर विभिन्न ब्लॉकों में आशा कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। इस दौरान आशा व आशा संगिनियों ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करना हमारा हक है, लेकिन सरकार दमन का रास्ता अख्तियार कर रही है। इन लोगों ने आशा और आशा संगिनी को राज्य कर्मचारी घोषित करने और निश्चित मानदेय दिए जाने की मांग की।
उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बघौली पर एकत्र हुए आशा और आशा संगिनियों ने कहा कि विभिन्न मांगों को लेकर 15 दिसंबर से हड़ताल का निर्णय लिया गया था, लेकिन सरकार ने मांगों पर ध्यान देने की बजाय हड़ताल पर ही रोक लगा दी। यह हमारे अधिकारों का हनन है। इन लोगों ने कहा कि आशा और आशा संगिनी लगातार स्वास्थ्य सेवा बेहतर करने के लिए कार्य कर रही है, लेकिन सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा नहीं दी जा रही है।
इस दौरान गायत्री सिंह, सरिता श्रीवास्तव, मिथिलेश, सहित तमाम आशा व संगिनी मौजूद रहीं। इसी तहत पौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी आशा व आशा संगिनी ने काली पट्टी बांधकर सरकार के निर्णय का विरोध किया और राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में आशा और आशा संगिनी मौजूद रही, जबकि सेमरियावां ब्लॉक के ढोढई उपकेंद्र पर भी आशा और आशा संगिनी ने काली पट्टी बांधकर विरोध किया और मांगे पूरी करने की बात कही। विजय लक्ष्मी आदि मौजूद रहीं।
उप स्वास्थ्य केंद्र बघौली में प्रदर्शन करती आशा कार्यकर्ता-संवाद