सेमरियावां। मंगलवार को सीएचसी सेमरियावां सभागार में सीएमओ डॉ. रामानुज कन्नौजिया ने आशाओं व एएनएम के साथ प्रसव, नसबंदी, गर्भवती महिला पंजीकरण आदि योजनाओं की समीक्षा की। केंद्रों पर प्रसव की स्थिति बेहद खराब पाए जाने पर बीपीएम, डीसीपीएम, एएनएम, आशाओं व स्वास्थ्य कर्मियों को कड़ी फटकार लगाई। आशाओं ने सीएचसी, पीएचसी व प्रसव केंद्रों पर कम प्रसव की वजह केंद्रों पर अवैध वसूली बताई।
दोपहर 2:15 बजे सीएमओ डॉ रामानुज कन्नौजिया सीएचसी सेमरियावां पहुंचे। सीएमओ ने डीपीएम विनीत श्रीवास्तव, डीसीपीएम संजीव सिंह, एमएच कंसल्टेंट संगीता के साथ समीक्षा की। ब्लाॅक में बाघनगर, भाटापारा, दरियाबद, पीएचसी दानोकुइयां, दुधारा, करही, महदेव, सिसवा दाखिली, टेमारहमत, सीएचसी सेमरियावां को प्रसव केंद्र बनाया गया है। सीएमओ ने पहली अप्रैल से अबतक प्रसव केंद्रों पर प्रसव की बेहद खराब स्थिति मिली। पीएचसी दानोकुइयां के अंतर्गत लगभग 38 गांव आते हैं। पीएचसी दानोकुइयां पर अब-तक एक प्रसव होना पाया गया। जिससे एएनएम, आशाओं व बीपीएम बीपीसीएम की लापरवाही दर्शाता है। बाघनगर, दुधारा और सीएचसी सेमरियावां के अलावा सभी प्रसव केंद्रों पर प्रसव स्थिति बेहद खराब मिली। इस दौरान 52 एएनएम के सापेक्ष 28 एएनएम उपस्थित रहीं।
सीएमओ ने बारी बारी सभी आशाओं और एएनएम से प्रसव केंद्रों पर खराब स्थिति की जानकारी ली। एएनएम और आशाओं के साथ बीपीएम राजेश पाण्डेय व बीसीपीएम नंदिनी को कड़ी फटकार लगाई। इस दौरान डीपीएम विनीत श्रीवास्तव ने कहा कि
एक हजार आबादी पर एक आशा नियुक्ति की गई, ताकि अस्पताल में डिलेवरी बढ़े और मातृ शिशु मृत्यु दर में कमी आए। इसके बाद सोहबाती देवी, शीला, संगीत आदि आशाओं ने सीएमओ से मिलकर सीएचसी सेमरियावां व पीएचसी दानोकुइयां व अन्य प्रसव केंद्रों पर महिला प्रसव कम होने की वजह बताई। आशाओं ने कहा कि प्रसव केंद्रों पर प्रसव के लिए महिलाओं को जागरूक किया जाता है। महिलाएं कहती हैं कि जितना पैसा सीएचसी, पीएचसी व प्रसव केंद्रों पर लिया जाता है, उतने में निजी अस्पतालों में प्रसव करा लिया जाता है। ऐसे में सरकारी केन्द्र पर प्रसव कराने कौन जाए। सीएमओ आशाओं की बात सुनकर अवाक रह गए। इस पर सीएमओ ने कार्रवाई की बात कही।
इस दौरान सीएचसी अधीक्षक डाॅ. सुरेश चंद्र, डाॅ. जावेद अख्तर, डाॅ. तौहीद, डाॅ. अभय गुप्ता, डाॅ. ए गौतम, एएनएम नाजरीन, इमराना आदि मौजूद रहीं।