शनिवार को आग की लपटो से तबाह हुए खेवसिया गांव के नौ परिवारों के रहने खाने की कोई व्यवस्था नहीं है। तहसील प्रशासन ने कोटेदार से प्रत्येक पीड़ित परिवार को दस-दस किलोग्राम अनाज दिलाने के बाद अपने कर्तव्य का इति श्री कर लिया है। शनिवार की शाम गांव के लोगों ने पीड़ितों के भोजन की व्यवस्था तो कर दिया, लेकिन रविवार का दिन उन पर भारी पड़ा। बसपा नेता के जरिए मुहैया कराई गई प्लास्टिक पन्नी को तान कर पीड़ित किसी तरह दिन गुजारने को विवश है।
शनिवार के दोपहर खेवसिया गांव निवासी राम रतन के घर में लगी आग से नौ परिवार बेघर हो गए। राम रतन की पोती जूही की मौत भी झुलसने से हो गई। दाने दाने को मोहताज पीड़ितों का कहना है कि कोटेदार तो अनाज दे दिए, लेकिन भोजन के लिए अन्य व्यवस्था कैसे करे। बसपा नेता नीलमणि ने पीड़ितों को प्लास्टिक की पन्नी वितरित किया।
राम रतन के परिवार की महिला कमलावती का रो रो कर बुरा हाल था । वह राख की ढेर में अपना सामान खोज रही है। रविवार को बसपा के पूर्व सासंद भीष्मशंकर उर्फ कुशल तिवारी, बसपा के धनघटा विधान सभा प्रभारी नीलमणि, पौली ब्लॉक के प्रमुख प्रतिनिधि राम मिलन यादव, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि जुबेर खान पहुंचे और पीड़ितों को ढाढ़स बधाते हुए उनकी आर्थिक मदद करने के साथ साथ खाद्यान्न वितरित किए। तहसीलदार राजेश गुप्ता का कहना है कि पीड़ितों को 10-10 किलो अनाज कोटेदार से दिलाया गया है। राहत राशि का चेक बन गया है जिसे सोमवार को वितरित किया जाएगा।