जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे मरीज व तीमारदार। संवाद
संतकबीरनगर। मौसम में बदलाव के चलते इसका असर लोगों की सेहत पर दिखाई दे रहा है। तेज धूप, बारिश और उमस के बीच मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 2289 मरीज पहुंचे। इनमें बुखार, सर्दी-जुकाम, गले के संक्रमण, डायरिया, पेट संबंधी संक्रमण, आंखों के संक्रमण समेत अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीज शामिल रहे।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि मौसम में बार-बार हो रहे बदलाव से वायरल संक्रमण तेजी से फैल सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने बुखार, गले में खराश, सर्दी-जुकाम अथवा अन्य लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी।
वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. उमेश चंद्रा ने लोगों को घरों और आसपास स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कूलर का पानी नियमित रूप से बदलें और आसपास पानी जमा न होने दें। बारिश के बाद जमा पानी मच्छरों के पनपने का प्रमुख कारण बनता है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। दूषित पानी से भी कई जलजनित रोग फैलते हैं।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमाशंकर सिंह ने बताया कि अस्पताल में मरीजों के उपचार के साथ उन्हें बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि साफ पानी का सेवन, स्वच्छ भोजन और आसपास की सफाई मौसमी बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुरोध पाठक ने बताया कि मौसम परिवर्तन के दौरान दांत और मसूड़ों से संबंधित संक्रमण के मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। उन्होंने नियमित ब्रश करने और मुंह की स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी।