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Sant Kabir Nagar News: जलस्तर घटते ही सरयू ने दौलतपुर में तेज की कटान

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मेंहदावल में बहती राप्ती नदी। संवाद मेंहदावल में बहती राप्ती नदी। संवाद
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- नदी तेजी से खेती योग्य भूमि को काट रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है
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- मेंहदावल में दो दिनों में राप्ती का जलस्तर 60 सेंटीमीटर से अधिक गिरा

संवाद न्यूज एजेंसी
लोहरैया/ मेंहदावल। सरयू नदी के जलस्तर में कमी आते ही धनघटा तहसील क्षेत्र के दौलतपुर गांव में कटान तेज हो गई है। नदी तेजी से खेती योग्य भूमि को काट रही है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में उपजाऊ भूमि नदी की धारा में समा सकती है। नदी 20 सेंटीमीटर घटी है। वहीं मेंहदावल में दो दिनों में राप्ती नदी का जलस्तर 60 सेंटीमीटर से अधिक गिरा है।
धनघटा क्षेत्र में ग्रामीणों के अनुसार तीन दिनों तक सरयू का जलस्तर बढ़ रहा था, लेकिन रविवार को जलस्तर स्थिर होकर गिरावट शुरू हो गया। जलस्तर घटते ही नदी की कटान की गति तेज हो गई है। वर्तमान में नदी का जल खेती योग्य भूमि से करीब 10 फीट नीचे बह रहा है, लेकिन पानी अंदर ही अंदर मिट्टी का कटाव कर रहा है।
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इसके चलते ऊपर की जमीन अचानक भरभराकर नदी में समा रही है। कटान इतनी तेज है कि नदी के किनारे खड़े होना भी जोखिम भरा हो गया है। लोगों को डर रहता है कि किसी भी समय पैरों के नीचे की मिट्टी खिसक सकती है।
दौलतपुर निवासी सोनबरसा और माना देवी ने बताया कि सरयू नदी लगातार उनकी खेती योग्य भूमि को काट रही है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कटान रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा कार्य कराने की मांग की है, ताकि किसानों की जमीन बचाई जा सके।
ग्रामीणों ने वर्ष 2013 की भयावह घटना का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि उस समय भी लगातार कटान करते हुए सरयू नदी ने तुरकौलिया के पास एमबीडी बांध को काट दिया था और अपनी धारा बदल ली थी। इससे पूरे दियारा क्षेत्र में संकट खड़ा हो गया था तथा तुरकौलिया गांव का बड़ा हिस्सा नदी में समा गया था।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में इसी तरह की कटान के कारण गायघाट गांव भी नदी की जद में आ गया। कटान के डर से वहां के अधिकतर परिवार अपने मकान तोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर चुके हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दौलतपुर में तत्काल कटानरोधी कार्य शुरू कराया जाए, ताकि किसानों की उपजाऊ भूमि और आसपास के गांवों को संभावित खतरे से बचाया जा सके।

तेजी से गिर रहा राप्ती का जलस्तर, लोगों को राहत
मेंहदावल। राप्ती के जलस्तर में दूसरे दिन भी गिरावट देखी गई। तेजी से गिर रहे जलस्तर के कारण जहां विभागीय अधिकारियों ने राहत की सांस ली है वहीं ग्रामीणों की चिंता भी काम हो गई है।
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क्षेत्र में राप्ती का जलस्तर शुक्रवार को 75.95 मीटर मापा गया था। शनिवार को सुबह 8:00 बजे जलस्तर 75.63 मीटर दर्ज किया गया, जबकि शाम 4:00 बजे नदी का जलस्तर 75.49 मीटर पर आ गया। इससे पूर्व नदी का जलस्तर 76. 15 सेंटीमीटर पर पहुंच गया था, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई थी, लेकिन दो दिनों में नदी का जलस्तर 60 सेंटीमीटर से अधिक गिरा है। स्थिति यही रही तो एक-दो दिन में नदी पूरी तरह से बढ़े हुए जलस्तर से मुक्त हो जाएगी। अभी तक लगातार बढ़ते हुए जलस्तर को लेकर विभागीय अधिकारी लगातार तटबंध पर डेरा डाले हुए थे। बढ़ते हुए जलस्तर को लेकर विभाग के साथ-साथ ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ रही थी, लेकिन लगातार राप्ती के जलस्तर में कमी आने से विभाग के साथ क्षेत्रीय लोगों को भी राहत मिली है।
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राप्ती का जलस्तर तेजी से नीचे आ रहा है। फिर भी लगातार इसकी निगरानी की जा रही है। कहीं से कोई दिक्कत नहीं है।
-मनीष राय, सहायक अभियंता
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