संतकबीरनगर। निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले आरटीई के तहत प्रेवश लिए बच्चों की भी अपार आईडी बनाई जाएगी। उनका रिकाॅर्ड पोर्टल पर दर्ज करना होगा। रिकाॅर्ड ऑनलाइन न होने पर विद्यालय को शुल्क प्रतिपूर्ति एवं अभिभावक भी लाभ नहीं मिलेगा। 10 मई तक सभी बच्चों की अपार आईडी बनानी होगी। इससे 1700 बच्चों को इसका लाभ मिलेगा।
आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक 25 प्रतिशत सीटें गरीब बच्चों के पठन-पाठन के लिए निर्धारित है। प्रवेश प्रक्रिया अंतर्गत राज्यस्तर से ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से जिलाधिकारी के अनुमोदन के पश्चात नामांकन निजी विद्यालयों में कराया जाता है। आरटीई प्रभारी डॉ. रजनीश बैद्यनाथ ने बताया कि जो भी बच्चों का नामांकन 2025-26 तक में कर चुके हैं।
उन बच्चों का तत्काल आधार कार्ड बनवाते हुए अपार आईडी जनरेट कर लिया जाए। बिना अपार आईडी के किसी भी विद्यालय को शुल्क प्रतिपूर्ति अथवा अभिभावक को सहायता धनराशि नहीं दी जाएगी। 2025-26 में लगभग 1700 बच्चों का नया प्रवेश के लिए लॉटरी के माध्यम से निर्देश जारी किए गए हैं। संबंधित विद्यालयों से समन्वय स्थापित करते हुए शत-प्रतिशत बच्चों का प्रवेश 10 मई तक कर कर उन बच्चों का डाटा आरटीई पोर्टल पर फीड कर दिया जाए।
डाटा फीड करते समय यह ध्यान रखा जाए कि जो मूल अभिलेख लॉटरी के समय अभिभावक ने बच्चों के प्रवेश के लिए लगाए गए थे। उनसे मिलान कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि इसमें किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।