संयुक्त जिला अस्पताल में पिछले दो माह से एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं है। हालत यह है कि अस्पताल में कुत्ता या बंदर के काटने से पीड़ित मरीज इंजेक्शन नहीं होने से निराश होकर वापस जा रहे हैं। सिर्फ जिला अस्पताल के रिकॉर्ड की माने तो दो माह में यहां से एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने आए 30 मरीज वापस जा चुके हैं।
गर्मी के मौसम में कुत्तों एवं बंदरों का आतंक बढ़ गया है। कुत्तों एवं बंदरों के काटने से परेशान मरीज एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए जिला अस्पताल पर पहुंच रहे हैं। उन्हें बताया जा रहा है कि कुत्तों के काटने की एंटी रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में दूरदराज के मरीजों को जिला मुख्यालय का चक्कर लगाना भी बेकार साबित हो रहा है। दिलीप, रामबेलास आदि का कहना है कि उनके एक रिश्तेदार को कुत्ते ने काट लिया था। वे इंजेक्शन लगवाने जिला अस्पताल आए लेकिन यहां पर इंजेक्शन नहीं मिल सका। बाजार में यह इंजेक्शन बेहद महंगा है और आसानी से मिलता भी नहीं है।
सीएमओ डॉ. एपी श्रीवास्तव ने बताया कि जिला अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन स्टॉक दो माह से खत्म है। इंजेक्शन सप्लाई करने वाली कंपनी को ऑर्डर भेजा गया है, पर अभी तक इंजेक्शन नहीं आ पाया है। पिछले दिनों गोरखपुर में स्वास्थ्य मंत्री के सामने भी मामला उठाया था। प्रयास किए जा रहे हैं कि जल्द से जल्द यह इंजेक्शन मंगा लिए जाएं। जबकि सीएचसी और पीएचसी पर इंजेक्शन उपलब्ध हैं।