धनघटा। तहसील के गागरगाड़ में बनाए जा रहे उपनिबंधक कार्यालय भवन निर्माण को लेकर उप जिलाधिकारी धनघटा ने यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इन्फास्टचर डेवलपमेंट लिमिटेड के अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा है।
पिछले दिनों तहसील पर आयोजित समाधान दिवस पर उपनिबंधक कार्यालय धनघटा के भूमि के दानदाता सुभाष चंद्र गुप्ता व सह खातेदार शशिबाला के पुत्र अनिल कुमार नायक द्वारा सौंपे गए शिकायती पत्र पर नायब तहसीलदार नाथनगर द्वारा स्थलीय एवं अभिलेखीय परीक्षण किया गया। नायब तहसीलदार की जांच आख्या में उल्लेख किया कि सुभाष चन्द्र गुप्ता द्वारा उपनिबंधक कार्यालय धनघटा के नाम से भूमि दान में दी गई। मौके पर भवन को बढ़ाकर जिस जमीन पर बनाया जा रहा है उस पर सिविल कोर्ट का स्थगन आदेश प्रभावी है।
आख्या रिपोर्ट के बाद एसडीएम ने कार्यदायी संस्था को जारी नोटिस में कहा कि दान में प्राप्त भूमि जिसकी सड़क पर चौड़ाई 28 फुट तथा लंबाई 194.5 फुट थी तो उसके माप से भिन्न माप का मानचित्र तैयार क्यों किया गया है। नवनिर्मित उप निबंधक कार्यालय, धनघटा का मानचित्र कब स्वीकृत हुआ था।
मानचित्र का निर्माण किस अधिकारी/कर्मचारी द्वारा किया गया है। स्वीकृत मानचित्र का माप क्या था। क्या वर्तमान में जो निर्माण कार्य हो रहा है वह दान में प्राप्त भूमि के माप के अनुसार हो रहा है अथवा नहीं।
जब निर्माण कार्य माह अक्तूबर व नवंबर 2024 में प्रारंभ हो गया था तो अब दान की भूमि के माप के विपरीत निर्माण किन परिस्थितियों में हो रहा है।