- धान की रोपाई के लिए पानी नहीं, किसान चिंतित
संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। इलाके में नहरों का जाल बिछा दिया गया है। नहरों में पानी न होने से किसान चिंतित हैं। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। धान की रोपाई के लिए पानी की जरूरत है। थुरंडा पचपेड़वा में नहर में पानी नहीं छोड़े जाने से नाराज किसानों ने प्रर्दशन किया। किसान का कहना है कि जरूरत के समय नहर में पानी नहीं रहता है।
सेमरियावां क्षेत्र से गुजर रही सरयू नहर व इसकी उप शाखाओं, रजवाहे व माइनर सूखे पड़ी हैं। इन क्षेत्रों में सिंचाई की व्यवस्था नहीं है। अधिकांश नलकूप बेकार पड़े हैं जबकि कुछ संचालित हैं, लेकिन नलकूप की नाली टूटी पड़ी है।
किसान हीरालाल, रमजान अली, मुबारक अली, राजेंद्र चौधरी उर्फ डेलई चौधरी, फारुख खान, नफीस अख्तर, महेंद्र यादव, रिजवान, विद्यासागर, राजबली यादव आदि ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि खरीफ की मुख्य फसल धान की अगैती खेती के लिए नर्सरी तैयार हो गई है। खेत की रोपाई का समय आ गया है। देवरिया विजई, धरूई, मीरपुर, भैंसवरिया, करही, उसराशहीद, चोरहा, गुलरिहवां, बढया माफी, छपिया माफी आदि गांव से होकर सरयू नहर शाखा खलीलाबाद गुजरती है।
वहीं करही रजबहा सरयू नहर की उप शाखा करही से निकल करमाखान, कड़जा, दरियाबाद, कोहरियावां, मूड़ाडीहाखुर्द, दुधारा से आगे तक निकली है। किसानों ने जिम्मेदारों से अविलंब नहरों में पानी छोड़ने की मांग की है। एसडीएम सदर शैलेश दुबे ने बताया कि इस मामले में नहर खंड के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।