आंदोलनरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली और फिर नेदुला चौराहे पर हाइवे जाम कर दिया। इससे गोरखपुर-लखनऊ हाइवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। वहीं अफसर जाम खुलवाने के लिए जूझते रहे, जबकि वाहनों में बैठे यात्री उमस भरी गर्मी में परेशान होते रहे। बाद में जब पुलिसकर्मी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के घरवालों को पकड़कर ले जाने लगे तब जाकर कार्यकर्ता मानी और तहसीलदार अरविंद कुमार को ज्ञापन दिया। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने एलान किया कि तीन दिन तक परियोजना कार्यालयों पर धरना दिया जाएगा। उसके बाद भी यदि मांगे पूरा नहीं हुई तो रेल चक्का जाम किया जाएगा। वहीं जाम से करीब दो घंटे तक आवागमन ठप रहा।
दरअसल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दो सितंबर खुद को राज्यकर्मी घोषित किए जाने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। इसी क्रम में वे गुरुवार को जिला संरक्षक अयोध्या प्रसाद के नेतृत्व में जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद में जुटीं। यहां सीएम प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली।
जो बैक चौराहा, बंजरिया होते हुए नेदुला बाईपास पहुंची। यहां करीब साढे़ बारह बजे कार्यकर्ताओं ने जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर एएसपी अशोक वर्मा, सीओ सदर आरके सिंह, कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह, तहसीलदार अरविंद कुमार आदि पहुंचे। इन लोगों जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के संख्या बल के आगे ये लोग भी बेबस दिखे। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद भी जब बात काम नहीं आयी तो पुलिस ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ आए कुछ घरवालों को पकड़ कर वाहन में बैठाना शुरू कर दिया। इसके बाद कार्यकर्ता मानी। वहीं पुलिस ने जाम खुलने के बाद हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ दिया गया।
इस दौरान जिलाध्यक्ष मंजू चौधरी, जिला महामंत्री गरिमा सिंह, सरोज सिंह, विमला राय, नीरू मिश्रा, राजमती, राजेश्वरी, विमला चौधरी, ऊषा सिंह, राधा, ज्ञानमती, प्रतिमा उपाध्याय, अशोक आर्य, रानी देवी, मांडवी मिश्रा, ओसिया खातून, प्रमिला, शीला, सुशीला राय, मालती, विजय लक्ष्मी, शांतिकला, मेेनका, आशा, संध्या, आरती, सरस्वती देवी, सावित्री देवी, निर्मला, चित्रकला, इंद्रावती सहित आदि उपस्थित रहीं।