प्रशासन की सख्ती पर बिना शर्त माने एंबुलेंस कर्मी
डीएम ने काम पर न लौटने वाले एंबुलेंस कर्मियों पर दिए थे कार्रवाई के निर्देश
देर शाम अपर सीएमओ से हुई वार्ता में माने एंबुुलेंस कर्मी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग 108, 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ की चार दिनों से चल रही हड़ताल बृहस्पतिवार को प्रशासन की सख्ती के बाद खत्म हो गई। डीएम ने काम पर न लौटने पर एंबुलेंस कर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। देर शाम अपर सीएमओ से वार्ता के बाद एंबुुलेंस कर्मी माने और काम पर लौट आए।
रविवार की रात 12 बजे जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद में एंबुलेंस खड़ी कर एंबुलेंस कर्मी धरने पर बैठे थे। चार दिनों से चले धरने के कारण जिले में स्वास्थ्य सेवा प्रभावित हो रही थी। बृहस्पतिवार को डीएम दिव्या मित्तल ने एंबुलेंस कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल को कलेक्ट्रेट में बुलाया और वार्ता की, पर एंबुलेंस कर्मी अपनी मांगों पर अड़े रहे। डीएम ने सख्त लहजे में निर्देश दिए थे कि शाम तक काम पर नहीं लौटने पर एंबुलेंस कर्मियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सीएमओ को सभी एंबुलेंस अपने कब्जे में लेने के निर्देश दिए थे। देर शाम अपर सीएमओ डॉ. मोहन झा ने एक टीम गठित कर एंबुलेंस को अपने कब्जे में लेने के लिए जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद में भेजा। टीम ने एंबुलेंस कर्मियों से बातचीत की। इसके बाद एंबुलेंस कर्मी काम पर लौट आए और एंबुलेंस लेकर लोकेशन पर चले गए। एंबुलेंस कर्मचारी संघ के मीडिया प्रभारी दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि एंबुलेंस कर्मी काम पर लौट गए हैं। उनका आंदोलन जारी रहेगा। कुछ लोग लखनऊ में चल रहे धरने में शामिल होंगे।
कोट
सभी एंबुलेंस कर्मी काम पर लौट आए हैं। एंबुलेंस अपनी लोकेशन पर पहुंच गईं हैं। कुछ एंबुलेंस कर्मी लखनऊ में चल रहे धरने में जाएंगे। अगर एंबुलेंस चलाने में चालकों की समस्या आती है तो अलग से चालक लगाकर एंबुलेंस चलवाया जाएगा।
-डॉ. मोहन झा, अपर सीएमओ
एंबुुलेंस कर्मियों की प्रमुख मांगें
एंबुलेंस कर्मियों की तैनाती में ठेका प्रथा को पूरी तरह से खत्म करना।
कोरोना काल में शहीद हुए आश्रितों के परिवार को 50 लाख की बीमा राशि।
कंपनी बदलने पर वेतन में किसी भी तरह की कटौती न करना।