सेमरियावां। सीएचसी में संचालित दो एंबुलेंस खराब हो चुकी हैं। ये एंबुलेंस खुले आसमान के नीचे जंग खा रही हैं। कबाड़ हो चुकी इन एंबुलेंस की नीलामी न होने से राजस्व की क्षति हो रही है लेकिन विभाग उदासीन बना है।
मरीजों को घर से अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस का सीएचसी से संचालन किया जा रहा है। यह वाहन पुराने हो जाने पर कबाड़ हो जाते हैं। सीएचसी परिसर में ही दो वाहन छह साल से खुले में जंग खा रही है। खराब होने वाली एम्बुलेंस को मरम्मत के लिए वर्कशॉप में भेजा जाता है लेकिन जो कंडम घोषित हो जाती है वे अस्पताल परिसर में खड़ी कर दी जाती है। सीएचसी परिसर में कंडम हो चुकी तीन एम्बुलेंस वर्षों से खुले आसमान के नीच जंग खा रही है।
इनके पुर्जे व चक्के भी गायब हो चुके हैं। जंग खा रहे इन वाहनों से राजस्व की क्षति हो रही है लेकिन विभाग इसके लिए उदासीन बना हुआ है।
अस्पताल परिसर में कबाड़ के रूप में खड़ी एंबुलेंस की नीलामी होनी चाहिए। जिला स्तरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डाॅ. सुरेश चंद्र, अधीक्षक सीएचसी सेमरियावां