एके ओझा, प्रधानाचार्य, बोर्ड परीक्षा की तैयारी में
संतकबीरनगर। यूपी बोर्ड की परीक्षा में मनोविज्ञान विषय की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं से विषय विशेषज्ञ शिक्षक का कहना है कि पांच से छह साल पुराने नोट्स परीक्षा में उपयोगी साबित हो सकते हैं। परीक्षार्थी लिखने का निरंतर अभ्यास करते रहें, ताकि तीन घंटे की परीक्षा के दौरान प्रश्नों के उत्तर देने में किसी तरह की कोई परेशानी न हो।
हीरालाल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य एके ओझा ने बच्चों को महत्वपूर्ण टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकें यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम के लिए आधारभूत हैं। इन्हें अच्छी तरह पढ़ें और समझें। नवीनतम यूपी बोर्ड पाठ्यक्रम के अनुसार तीन घंटे के पेपर के लिए बहुविकल्पीय, अति लघु, लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों का अभ्यास करें। उन्होंने कहा कि तैयारी करते समय महत्वपूर्ण विषयों का विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। इसमें व्यक्तिगत, बुद्धि, मनोवैज्ञानिक विकार, दबाव और सामाजिक व्यवहार से जुड़े प्रश्नों पर विशेष ध्यान दें। बताया कि पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करने से परीक्षा का पैटर्न समझ में आएगा और टाइम मैनेजमेंट बेहतर होगा। परीक्षा के पहले लिखित अभ्यास करना जरूरी है। इस दौरान महत्वपूर्ण विषयों के शॉर्ट नोट्स बनाएं और परीक्षा से पहले बार-बार दोहराएं। कहा कि उत्तरों में उदाहरण, रेखाचित्र और प्रमुख बिंदुओं का प्रयोग करें, बिना देखे उत्तर लिखने का अभ्यास करें। स्वस्थ रहने के लिए पर्याप्त नींद लें और संतुलित आहार लें। वहीं प्रश्न को ठीक से पढ़ कर ही उत्तर दें।