सेमरियावां। मुकद्दस माह-ए- रमजान में बड़े बुजुर्गों के साथ नन्हे मुन्ने मासूम भी रोजा रहकर अल्लाह की इबादत में मुब्तिला हैं। अब तक रमजान का 12 रोजा मुकम्मल हो गया है। रमजान का पहला अशरा रहमत का पूरा हो गया है। अब दूसरा अशरा मगफिरत का जारी है। रोजेदार अल्लाह से गुनाहों की मगफिरत के लिए दुआ कर रहे हैं। इसी तरह मासूम बच्चे भी रोजा रहकर इबादत कर नजर आ रहे हैं।
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मो. फैसल ने आठ साल की उम्र में पूरे किए आठ रोज
सेमरियावां। मो. फैसल सलमान पुत्र मो. सलमान जहीर सेमरियावां के निवासी हैं। कक्षा दो के छात्र हैं। नन्हे रोजेदारों मो फैसल ने 8 साल की उम्र में आठ रोजे पूरे किए हैं। घर के बड़े बुजुर्गों और वालिदैन के साथ मो. फैसल ने आठ रोजा मुकम्मल किया। जफीर अली करखी सहित तौफीक अहमद, नूर मोहम्मद, मो. सलमान, मो. उस्मान, मो. खालिद आदि ने दुआएं दीं। संवाद
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छह वर्ष की हिबा ने रखा रोजा
सेमरियावां। कोहरियावां गांव की हिबा वसीक (6) पुत्री वसीक अहमद ने सोमवार को पहला रोजा रखा। घर वालों के साथ सेहरी करके सोमवार को रोजा मुकम्मल किया। दिनभर अल्लाह की इबादत में मशगूल रहीं। शाम को घरवालों के साथ इफ्तार किया। परिजनों ने बच्ची को नेक बनने के लिए दुआएं की।
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मासूम अदीब खान ने तीन रोजे मुकम्मल किए
सेमरियावां। रमजान में घरों व मस्जिदों में अल्लाह की इबादत का सिलसिला जारी है। रमजान का रोजा बड़े बुजुर्गों के साथ नन्हे मुन्ने बच्चे भी रोजा रखकर इबादत में जुटे हैं। सेमरियावां ब्लॉक के करही गांव के अब्दुल माबूद, महमूद अहमद व मौलाना मतलूब के भांजे अदीब खान (8साल) ने तीन रोजा मुकम्मल किया। अदीब खान ने बताया कि वह कक्षा दो का छात्र है। छुट्टी के दिन रोज़ा रखते हैं। रविवार को तीसरा रोजा रखा। संवाद