संतकबीरनगर। जिले में ईसीसीई (प्रारंभिक बचपन देखभाल और शिक्षा) एजुकेटर पदों पर हो रही चयन प्रक्रिया में एक महिला अभ्यर्थी ने धांधली का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि अधिक गुणांक होने के बाद भी उसका नाम सूची में शामिल नहीं किया गया। महिला ने डीएम और आईजीआरएस के माध्यम से मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी इसकी शिकायत की है।
जनपद के भगता गांव की निवासी प्रेमशीला यादव ने डीएम, बीएसए तथा अन्य अधिकारियों व आईजीआरएस पोर्टल पर की शिकायत में लिखा है कि जिले में ईसीसीई एजुकेटर पद पर भर्ती के लिए सेवायोजन पोर्टल पर वांट निकाला गया। ऑनलाइन फार्म भरे जाने के बाद मई में फार्म भरने वाले सारे अभ्यर्थियों को बुलाकर ऑफलाइन फार्म लिया गया। इसके साथ ही सारे कागजात दो-दो सेट में मांगे गए। अभ्यर्थियों के सारे अभिलेख दो सेट में जमा करा लिए गए। अभिलेखों के आधार पर उनका गुणांक 76.6 था।
इस बीच दो माह पहले उनके पास एक अज्ञात व्यक्ति के द्वारा फोन किया गया कि अगर भर्ती होना है तो वह एक लाख रुपये दें। इसके बाद उनका नाम अंतिम लिस्ट में निकाल दिया जाएगा। लेकिन उन्होंने कहा कि जब भर्ती मेरिट के आधार पर हो रही है, उनकी मेरिट अच्छी है तो वह रुपये नहीं देंगी। इस बीच उनको अक्तूबर में जानकारी हुई कि सूची बनाने के लिए जिस संस्था एनआईटी मऊ को जिम्मेदारी मिली है उसने सूची तैयार कर दी है।
6 अक्तूबर से वेरिफिकेशन की प्रकिया शुरू हो जाएगी। इसके बाद जब उन्होंने सूची की खोजबीन शुरू की तो पता चला कि कुल 111 पदों के सापेक्ष 333 अभ्यर्थियों का नाम सूची में है। इन अभ्यर्थियों का गुणांक 80 से लेकर 47 के बीच में है।
इसके बाद सूची बनाने वाली संस्था एनआईटी मऊ से संपर्क किया गया ताे वहां से बताया गया कि संतकबीरनगर जिले की सूची उनके द्वारा वहां पर भेज दी गई है। उनको जैम पोर्टल से सूची तैयार करने का ठेका मिला था। जब प्रेमशीला ने सूची में अपना नाम देखा तो गुणांक के आधार पर उनका नाम सूची में पांचवें नंबर पर होना चाहिए। लेकिन सूची में उनका नाम ही नहीं है। जबकि उनसे कम गुणांक वालों का नाम है।