संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला उपभोक्ता आयोग ने मोबाइल नेटवर्क कंपनी एयरटेल के खिलाफ फैसला सुनाते हुए बंद किए गए मोबाइल नंबर को चालू करने और उपभोक्ता को 30 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है।
पीड़ित राज नारायण मिश्र ने अद्विक लीगल कंसल्टेंसी के माध्यम से 16 जुलाई 2025 को जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दाखिल किया था। परिवादी ने बताया कि उनका मोबाइल नंबर करीब 15 वर्षों से उपयोग में था, जिसका प्रयोग बैंक खातों समेत अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में किया जाता था। वाद के अनुसार पहले यह नंबर बीएसएनएल का था, जो अचानक बंद हो गया। बीएसएनएल कार्यालय के सुझाव पर उन्होंने नंबर को प्रीपेड से पोस्टपेड कराया, जिसके बाद सिम चालू हो गया। बाद में नेटवर्क समस्या के कारण उन्होंने नंबर को एयरटेल में पोर्ट करा लिया और चार अप्रैल 2025 को 1872 रुपये देकर एक वर्ष का रिचार्ज भी कराया। कुछ दिन बाद सिम फिर बंद हो गया।
एयरटेल कंपनी ने बीएसएनएल का बकाया होने की बात कही, जिस पर परिवादी ने पहले 100 रुपये 40 पैसे और बाद में 320 रुपये भी जमा कर दिए। इसके बावजूद सिम चालू नहीं किया गया। बीएसएनएल कार्यालय ने भी स्पष्ट कर दिया कि कोई बकाया नहीं है। लगातार भागदौड़ और शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान न होने पर मामला उपभोक्ता आयोग पहुंचा।
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह और महिला सदस्य संतोष ने मामले की सुनवाई के बाद एयरटेल कंपनी को दोषी माना। आयोग ने आदेश दिया कि कंपनी तत्काल संबंधित मोबाइल नंबर चालू करे और 60 दिनों के भीतर परिवादी को 30 हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में अदा करें।