संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। क्षेत्र के कृषि विज्ञान केंद्र बगही में कृषि वैज्ञानिकों ने तोरिया की बुआई की विधियों पर किसानों को जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिक देवेश कुमार ने बताया कि बुआई से पहले खेत को भुरभुरा एवं खरपतवार रहित तैयार करना चाहिए। अगेती तोरिया की अच्छी गुणवत्ता वाली प्रमाणित एवं अनुशंसित किस्म का बीज प्रयोग करें। चार से पांच किलोग्राम बीज प्रति हेक्टेयर पर्याप्त होता है।
उन्होंने कहा कि अगेती तोरिया की बुआई सामान्यतः सितंबर के दूसरे पखवाड़े से अक्तूबर के प्रथम सप्ताह तक करना उपयुक्त रहता है। समय से बुआई करने पर फसल को अनुकूल तापमान मिलता है और उत्पादन अच्छा रहता है। बुआई कतारों में करें। कतार से कतार की दूरी लगभग 30 सेंटीमीटर तथा पौधे से पौधे की दूरी लगभग 10 से 15 सेंटीमीटर रखें।
बीज को बहुत गहराई में न डालें। खाद एवं उर्वरक प्रबंधन के बारे में बताया गया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करना सबसे अच्छा है। सामान्य स्थिति में सड़ी हुई गोबर की खाद/ कंपोस्ट का प्रयोग खेत की तैयारी के समय करें।
नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश एवं सल्फर की आवश्यकता के अनुसार संतुलित मात्रा में प्रयोग करने से फसल की बढ़वार एवं पैदावार बेहतर होनी है।