फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेचे गए धान की रकम के लिए भटका किसान

विज्ञापन
सिहटीगर गांव निवासी बैजनाथ । - फोटो : KHALILABAD
विज्ञापन
बेचे गए धान की रकम के लिए भटका किसान
विज्ञापन

संपूर्ण समाधान दिवस में की शिकायत, डीएम की सख्ती के बाद हुआ भुगतान
मामले की जांच के लिए टीम गठित
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। बघौली क्षेत्र के सिंहटीकर के किसान के बेचे गए धान का भुगतान साधन सहकारी समिति बौरव्यास के केंद्र प्रभारी ने नहीं किया। ऐसी शिकायत डीएम के समक्ष संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंची। डीएम की सख्ती के बाद किसान को धान का भुगतान हो गया। प्रकरण की जांच के लिए जांच टीम गठित कर दी गई है।
विज्ञापन

सिंहटीकर गांव निवासी बुजुर्ग बैजनाथ ने मंगलवार को खलीलाबाद में डीएम की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंच कर शिकायतीपत्र दिया। उन्होंने डीएम को बताया कि दो जनवरी को रजिस्ट्रेशन के कागजात के साथ आठ क्विंटल धान बौरब्यास के सचिव को बेचा था। अभी तक सचिव ने न तो कागजात लौटाए और न ही धान की रकम 14,920 रुपये उन्हें दिए। वह बार-बार बौसव्यास में संचालित सहकारी समिति का चक्कर लगाते रहे, लेकिन कभी सचिव समिति पर नहीं मिले। पीड़ित बुजुर्ग ने बेचे गए धान की रकम और कागजात दिलाने की मांग की। डीएम दिव्या मित्तल ने प्रकरण को गंभीरता से लिया और एआर कोऑपरेटिव मंगल सिंह को बुलाकर पीड़ित का प्रार्थनापत्र दिया। पीड़ित की रकम दिलाने और संबंधित सचिव के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता मंगल सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता बैजनाथ पुत्र सुदामा के जरिए बेचे गए धान की रकम क्रय केंद्र प्रभारी कृष्ण प्रताप सिंह साधन सहकारी समिति बौरव्यास से मंगलवार को दिला दी गई। केंद्र प्रभारी कृष्ण प्रताप सिंह के जरिए धान खरीद में की गई अनियमितता की प्राप्त शिकायतों के मद्देनजर तत्काल प्रभाव से उन्हें केंद्र के संचालन से विरत कर दिया गया। इनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के लिए अपर जिला सहकारी अधिकारी खलीलाबाद एवं सहायक विकास अधिकारी सहकारिता बघौली की संयुक्त कमेटी से जांच आख्या मांगी गई है। जांच आख्या प्राप्त होते ही प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करा दी जाएगी। इस संबंध में डीएम दिव्या मित्तल ने कहा कि किसान बैजनाथ के बेचे गए धान का भुगतान समय से नहीं करना अनियमितता की श्रेणी में आता है। संबंधित केंद्र प्रभारी से किसान के धान की रकम का भुगतान करा दिया गया। जांच कराकर केंद्र प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के भी निर्देश एआरकोऑपरेटिव को दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें