बेटा-बेटी एक समान के नारे के माध्यम सरकार भले ही लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रही है, पर स्थिति इससे इतर है। शुक्रवार को धनघटा थाने पहुंची औराडाड गांव की शकुंतला का दर्द यह यह था कि सिर्फ बेटियां पैदा होने के कारण उसे घर से निकाल दिया गया।
शकुंतला का आरोप था कि उसका मायका गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र के छितौना गांव में है। वर्ष 2001 में उसकी शादी धनघटा इलाके के औराडाड गांव निवासी अमरजीत के साथ हुई थी। उसके पास चार बेटियां गुड़िया (8), प्रिया (6), रुबि (4) और आर्या दो माह की है। आरोप है कि जब आर्या कोख में थी तभी उसके ससुराल के लोग घर से मारपीट कर यह कहते हुए निकाल दिए कि बेटा पैदा होगा तभी यहां आना अगर बेटी हुई तो यहां पर आना नहीं। शकुंतला ने रोते हुए बताया कि अब जब ससुराल गई तो पति और परिवार के लोग मार पीट कर घर से भगा दे रहे हैं।
कब तक मायके में रहूंगी कुछ समझ में नही आ रहा है। अपनी बच्चियों को लेकर वह थाने पर काफी देर तक बैठी रही। एसओ ईश्वरचंद्र प्रधान ने बताया कि महिला और उसके पति को शनिवार को सुबह चौकी जगदीशपुर पर बुलाया गया है। जहां दोनो को समझा बुझाकर मामले को सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।