संतकबीरनगर। जिले का बखिरा क्षेत्र मखाना उत्पादन और प्रोसेसिंग में यूपी के बड़े क्लस्टर के रूप में उभर सकता है। बिहार के बाद अब उद्यमियों की नजर बखिरा झील पर है। झील और आसपास के जलभराव वाले इलाके मखाना खेती के लिए मुफीद माने जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की ओर से प्रस्ताव भेजा गया है। साथ ही क्षेत्र के उद्यमियों ने प्रशासन से झील पर गतिविधियां शुरू करने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश इंडस्टि्रयल एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद पाठक ने डीएम को पत्र लिखा है। उम्मीद है कि जल्द ही इसकी हरी झंडी मिल जाए। अब तक बिहार मखाना उत्पादन का प्रमुख केंद्र माना जाता रहा है लेकिन पूर्वांचल के कई जिलों में इसकी संभावनाएं तेजी से देखी जा रही हैं। बखिरा की भौगोलिक स्थिति और पर्याप्त जलक्षेत्र इसे मखाना क्लस्टर के रूप में विकसित करने के लिए मजबूत आधार दे रहे हैं।
गतिविधियां शुरू करने की मांग, कारोबारियों को मिलेगा लाभ
बखिरा झील में बोटिंग, कायकिंग, बर्ड वॉचिंग, हॉर्स राइडिंग और लेक-साइड कैफे जैसी गतिविधियां शुरू की जानी चाहिए। साथ ही झील के किनारे रिसॉर्ट, ग्लैम्पिंग, डेस्टिनेशन वेडिंग और कॉर्पोरेट इवेंट्स की सुविधा विकसित की जाए ताकि बाहर से आने वाले लोग कई दिन रुक सकें। इससे होटल इंडस्ट्री को सीधा लाभ मिले।
अनुराग सिंह, एमडी लक्ष्मी ग्रुप
होगा फायदा
उद्यमी कहते हैं कि यहां प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित होती है तो सिर्फ खेती ही नहीं, बल्कि पैकेजिंग, रोस्टिंग, ग्रेडिंग और मार्केटिंग जैसे काम भी स्थानीय स्तर पर शुरू हो सकेंगे। इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
बखिरा झील की योजनाएं धरातल पर उतरीं तो न सिर्फ यहां पर्यटकों की संख्या बढे़गी बल्कि आस-पास के क्षेत्र का विकास भी तेज गति से होगा। आसपास व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने से लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
डीएम बोले-
मखाना का उत्पादन व उसकी प्रोसेसिंग का प्रस्ताव मिलने लगा है। इस पर विचार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आलोक कुमार, डीएम
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375 करोड़ का प्रस्ताव पहले किया था तैयार, शासन को भेजा गया है
पूर्व में बखिरा झील के पर्यटन विकास के लिए पीपीपी माडल से करीब 375 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने और मखाना उत्पादन की पहली बार पहल की गई है। इसके लिए नेचर टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, वाटर स्पोर्टस्, ईको रिजार्ट्स, जंगल कैम्पिंग, वेलनस टूरिज्म जैसी गतिविधियों का चिन्हांकन कर आवश्यक अवस्थापना सुविधा के लिए बखिरा डेवलपमेंट प्लान विकसित करने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है।