संतकबीरनगर। दीवानी न्यायालय परिसर स्थित अधिवक्ता चैंबर में अधिवक्ता परिषद काशी प्रदेश इकाई संतकबीरनगर की ओर से संविधान दिवस पर बृहस्पतिवार दोपहर बाद गोष्ठी हुई। बतौर मुख्य अतिथि जिला जज मोहन लाल विश्वकर्मा ने संविधान में दिए गए दायित्वों का सच्चाई से पालन करने पर जोर दिया।
जिला जज ने कहा कि हमारा संविधान दुनिया का सबसे बड़ा और लचीला संविधान है। अपर जिला जज प्रथम भूपेंद्र राय ने कहा कि हमारे संविधान में समाज के प्रत्येक व्यक्ति को ध्यान में रखते हुए हर व्यवस्था को वर्णित किया गया है। इसमें प्रत्येक परिस्थिति को आत्मसात करने की खूबी है। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नासिर अहमद ने कहा कि हमारे लिए सबसे पहले संविधान है। हमें यह जरूर देखना चाहिए कि संविधान सही तरह से लागू हो रहा है या नहीं।
एडीजे/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो ऐक्ट ने कहा कि संविधान को 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत किया गया तथा 26 जनवरी 1950 को पूर्ण रूप से लागू हुआ। एडीजे/विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट गजेंद्र ने संविधान दिवस की शुभकामनाएं दीं। कहा कि संविधान के में दिए गए अपने कर्तव्यों का पालन करें।
इससे पहले मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप जलाकर समारोह की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष ईश्वर प्रसाद पाठक, महामंत्री निरंजन सिंह, पूर्व अध्यक्ष महीप बहादुर पाल, वरिष्ठ अधिवक्ता राम नाथ तिवारी, सी बी मणि, सत्येंद्र नाथ पांडे, गंगाधर द्विवेदी ने अपने विचार व्यक्त किए। अंत में सभी लोगों ने संविधान की शपथ ली।
इस अवसर पर एडीजे/सचिव देवेंद्र नाथ गोस्वामी न्यायिक अधिकारी सीजेएम चेतना त्यागी, सिविल जज सीनियर डिवीजन संजय राज पांडे, अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन सुनील सिंह, सिविल जज जूनियर डिवीजन मिमोह यादव, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन नरेंद्र यादव, सिविल जज जूनियर डिवीजन एफ टी सी प्रथम अभिनव त्रिपाठी, जेएम भारती तायल, सिविल जज जूनियर डिवीजन/एफ टी सी द्वितीय निधि मिश्रा, जेजे बोर्ड अध्यक्ष अशोक कुमार कसौधन तथा पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार मिश्र पूर्व अध्यक्ष जनपद बार शशि कुमार ओझा, पूर्व महामंत्री राणा रवींद्र सिंह, सुनील कुमार पांडे, दुर्गेश नारायण मिश्र आदि उपस्थित रहे।
संविधान की शपथ लेते हुए अधिवक्तागण । स्रोत - अधिवक्ता