धनघटा तहसील में अपनी मागों को लेकर प्रदर्शन करते अधिवक्ता
धनघटा। धनघटा तहसील पर अधिवक्ताओं ने मंगलवार को भी धरना जारी रहा। उन्होंने धनघटा तहसील मुख्यालय से दूर एक विवादित जमीन पर उपनिबंधक कार्यालय भवन का निर्माण रोकने की मांग दोहाराई। तहसील में अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य का बहिष्कार करने न्यायिक व्यवस्था लड़खड़ा गई है। अधिवक्ता विवादित स्थल पर चल रहे उपनिबंधक कार्यालय भवन रोकने की मांग पर अड़ गए हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता लाल शरण सिंह, प्रेम नरायन मिश्र, सुरेंद्र सिंह ने कहा कि धनघटा में तहसील के नाम दर्ज जमीन पर उपनिबंधन कार्यालय भवन का निर्माण कराए जाने की मांग को लेकर बार एसोसिएशन लगातार संघर्ष कर रहा है। जनता के हित को प्राथमिकता देते हुए अधिवक्ताओं का संघर्ष अंजाम तक पहुंचेगा। सरकार की छवि को धूमिल बनाने के लिए अधिकारी कानून का मजाक बनाने से बाज नही आ रहे है। मामले को लेकर अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल मंडलायुक्त बस्ती से भी मिल चुके हैं। मुलाकात के बाद मंडलायुक्त ने अधिवक्ताओं को भरोसा भी दिया।
उन्होंने कहा कि उपनिबंधक कार्यालय भवन का निर्माण गागरगाड़ में दान में दी गई ऐसी जमीन पर बनाया जा रहा है जहां सिविल का स्थगन आदेश पहले से ही प्रभावी चल रहा है। अधिवक्ताओं ने कहा कि भवन का निर्माण तहसील की खाली जमीन पर कराया जाए।
इस अवसर पर महामंत्री केशव पाठक, श्रवण सिंह चौहान, गंगाराम प्रजापति, जयप्रकाश नारायण, अन्नपूर्णा मांझी, उदयभान, विशंभर नाथ, सर्वेश कुमार श्रीवास्तव, सुरेंद्र प्रताप आदि लोग मौजूद रहे।ा