- स्थगन आदेश के बाद विवादित भूमि पर भवन निर्माण का मामला
- विरोध प्रदर्शन से न्यायिक कार्य रहा ठप
धनघटा। उप निबंधन कार्यालय के विरोध में बृहस्पतिवार को धनघटा तहसील पर अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। इसमें शामिल अधिवक्ताओं ने कहा कि न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद विवादित भूमि पर उपनिबंधक कार्यालय भवन का निर्माण कराया जा रहा है। यह सब जिम्मेदार अधिकारियों की शह पर किया जा रहा है।
एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष अरविंद श्रीवास्तव व पूर्व अध्यक्ष लाल शरण सिंह ने कहा कि न्यायालय के निर्देश से ऊपर उठकर भवन का निर्माण अधिकारियों की तानाशाही की तस्वीर उजागर कर रहा है। कहा कि अधिवक्ताओं द्वारा छेड़े गए संघर्ष की जीत होगी। विवादित भूमि पर उपनिबंधक कार्यालय भवन का निर्माण अवश्य रुकेगा। सभी अधिवक्ताओं ने कहा कि कानून अपना कार्य करेगा। तानाशाही मानसिकता वाले अधिकारियों को कानून सबक सिखाएगा।
कहा कि तहसील में न्यायिक अव्यवस्था पैदा हो रही उसके लिए तानाशाह मानसिकता वाले अधिकारी जिम्मेदार है। जो प्रदेश सरकार की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे है। इस अवसर पर राधेश्याम मौर्य, प्रेम नरायन मिश्र, चन्द्रभान पांडेय, योगेश श्रीवास्तव, रविशंकर पांडेय, सुरेंद्र सिंह, शांता श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।