संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायधीश कोर्ट संख्या एक रमेश दूबे की कोर्ट ने नौकरी दिलाने के बहाने बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोपी को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
युवती की मां ने 22 मई 2017 को एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसकी पुत्री को 12 मई 2017 में दोपहर तीन बजे आरोपी बुलाकर नौकरी दिलाने के नाम पर बहला-फुसलाकर भगा ले गया। लड़की एक इण्टर कॉलेज में पढ़ाती थी। उसकी लडकी जब घर वापस नहीं आई तो खोजना शुरू किया। एसपी के आदेश पर थाना धनघटा में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हुआ। विवेचना के बाद विवेचक ने आरोपी उमाशंकर के खिलाफ युवती को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। आरोपी ने कोर्ट में आरोप से इनकार किया।
पीड़िता ने कोर्ट में बयान दिया कि वह और आरोपी एक इंटर कॉलेज में अध्यापन का कार्य कर रहे थे। वह अपनी मर्जी से उसके साथ गई थी। आरोपी ने उसे बहलाया-फुसलाया नहीं था। अपर सत्र न्यायधीश कोर्ट संख्या एक रमेश दूबे ने आरोपी उमाशंकर निवासी ग्राम अजांव थाना धनघटा को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।