रोशया बाजार। धनघटा तहसील क्षेत्र के चकिया गांव के दो पक्ष आमने सामने हैं। यहां पर आबादी ओर जीएस की जमीन है। इस जमीन में कई लोगों ने मकान बनवा लिया है। इस जमीन की दो दिन पूर्व पैमाइश हुई थी। इस पैमाइश का गांव के लोगों के द्वारा विरोध किया जा रहा है। उनका कहना है कि पैमाइश में धांधली की गई है। इससे गांव के सभी लोगों के चक प्रभावित हो रहे हैं।
चकियां गांव के लोगों का आरोप है कि क्षेत्र के चकिया गांव में धारा 124 के तहत गाटा संख्या 148 जिसका रकबा 14.50 बीघा है। उसी रकबे की पैमाइश की गई थी। उसी रकबे में आबादी भी बसी है। रकबे की पैमाइश जब गांव के सीमाओं पर लगे पत्थर की गई तो पूरा पिच रोड चकिया गांव में आ गया । उसी समय तहसीलदार ने पहुंच कर चकिया व रमवापुर सिवान पर लगे सीमा पत्थर से पैमाइश को रोककर चकमार्ग को सीमा मानकर पैमाइश करा दिया। जिससे विवाद पैदा हो गया।
गांव के कौशल यादव, गुड्डू, छोटू, संतराम, विजय, शम्भू, महेंद्र यादव, रवि कुमार, रामकुमार, राजकुमार, संदीप, बबलू, अमित, सुरेमन, रामलौट, दिनेश, इश्तयाक आदि का कहना है कि सिवान की पैमाइश सिवान में लगे सीमांकन पत्थर होती है। तहसीलदार साहब बिना आधार के चकमार्ग से पैमाइश करा कर विवाद पैदा करा रहे हैं। जिससे कभी भी कुछ अनहोनी हो सकती है। इसकी जिम्मेदारी राजस्व विभाग की होगी।
कोट
पैमाइश पूरी तरह से निष्पक्षता के साथ की गई है तथा पत्थर से ही की गई है। अगर कोई पैमाइश को लेकर संतुष्ट नहीं है तो पैमाइश की फील्ड बुक न्यायालय में दाखिल होगी। वहां पर वह आपत्ति दाखिल करेंगे। न्यायालय जैसा आदेश करेगा। उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-रामजी, तहसीलदार, धनघटा