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Sant Kabir Nagar News: चार साल पुराने अरुण हत्याकांड में आरोपी बरी

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संवाद न्यूज एजेंसी
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संतकबीरनगर। कोतवाली क्षेत्र में करीब चार वर्ष पहले सात वर्षीय मासूम अरुण उर्फ डग्गू की हत्या के चर्चित मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) चंद्र मोहन श्रीवास्तव की अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों रविचंद्र उर्फ मंटू तथा धनेश्वर उर्फ झिंगेलाल को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की ऐसी पूर्ण शृंखला स्थापित करने में विफल रहा, जिससे यह निर्विवाद रूप से साबित हो सके कि अपराध इन अभियुक्तों ने ही किया।
मामला कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, चार मार्च 2022 को सात वर्षीय अरुण उर्फ डग्गू, पुत्र स्वर्गीय अमरनाथ, निवासी मटिहना घर से लापता हो गया। उसकी मां प्रमिला देवी ने पांच मार्च को कोतवाली खलीलाबाद में गुमशुदगी दर्ज कराई। अगले दिन छह मार्च को थाना महुली क्षेत्र के राजघाट पुल के पास कठिनइया नाले के किनारे झाड़ियों से बालक का शव बरामद हुआ। इसके बाद मुकदमे में हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराएं बढ़ाई गईं।
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प्रमिला देवी ने पुलिस को दी तहरीर में गांव के रविचंद्र उर्फ मंटू पर आरोप लगाया था कि वह हमें प्रताड़ित करता था। विरोध करने पर बेटे को जान से मारने की धमकी दी थी। इसी रंजिश में अपने साथी धनेश्वर उर्फ झिंगेलाल के साथ मिलकर अरुण की हत्या कर शव झाड़ियों में फेंक दिया। विवेचना के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 302 और 201 के तहत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन ने कुल नौ गवाहों को अदालत में पेश किया, जिनमें वादिनी प्रमिला देवी, उनकी जेठानी किशनावती, बहन ममता कुमारी, पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. विशाल यादव, पंचायतनामा अधिकारी उपनिरीक्षक मनोज कुमार पटेल, विवेचक निरीक्षक विजय नारायण प्रसाद तथा गिरफ्तारी के गवाह पुलिसकर्मी शामिल थे।
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