छह दिसंबर 2008 का मामला, अपर सत्र व विशेष न्यायाधीश ने की सुनवाई
संतकबीरनगर। अपर सत्र व विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट भूपेन्द्र राय की कोर्ट ने मारपीट, जान से मारने की धमकी देने और एससी-एसटी एक्ट के आरोपी वंशू उर्फ बंश बहादुर राय को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
खलीलाबाद क्षेत्र के बालूशासन गांव की रहने वाली चानमती देवी ने कोतवाली खलीलाबाद पुलिस को दिए तहरीर में बताया कि छह दिसंबर 2008 को गांव में कोटे से मिट्टी का तेल वंशू उर्फ बंश बहादुर राय बांट रहे थे, जबकि कोटे की दुकान हरिवंश के नाम पर है। बेटी पुष्पा तेल लेने गई थी, देर होने पर कोटे की दुकान पर गई तो देखा कि बच्चों को अपशब्द कह कर भगा रहे थे।
इस संबंध में आरोपी बंश बहादुर से पूछा तो उसने अपशब्द कहते हुए मारने की बात कहते हुए तेल देने से मना कर दिया। थाना कोतवाली खलीलाबाद में केस दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अपर सत्र व विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट भूपेन्द्र राय की कोर्ट ने कहा कि घटनास्थल पर 100 से 150 लोग थे, पर अभियोजन साक्षी ने कही पर एक भी स्वतंत्र गवाह की गवाही नहीं कराई। आरोपी वंशू राय उर्फ बंश बहादुर राय निवासी ग्राम बालूशासन थाना कोतवाली खलीलाबाद को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।