संतकबीरनगर। मोबाइल फोन बाजार से 20 प्रतिशत कम कीमत पर देने का झांसा देकर ठगी करने के मामले में अदालत के आदेश पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज और ऑनलाइन बुकिंग के जरिये उसे और अन्य लोगों को धोखा दिया।
ग्राम भैंसही निवासी शिवकुमार ने सिविल जज सीनियर डिवीजन/एफटीसी न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह दिल्ली में एक एक्सचेंजर कंपनी में डेस्कटॉप सपोर्ट इंजीनियर के पद पर कार्य करता है। इसी दौरान उसकी पहचान पवन कुमार मंडल से हुई। पवन ने खुद को एक थोक मोबाइल कंपनी में काम करने वाला बताते हुए बाजार मूल्य से करीब 20 प्रतिशत कम कीमत पर मोबाइल उपलब्ध कराने की बात कही। पीड़ित के अनुसार, पवन ने मोबाइल के जीएसटी और आईएमईआई नंबर समेत कागजात इंटरनेट के माध्यम से उपलब्ध कराए। दस्तावेज देखकर उसे भरोसा हो गया। इसके बाद पवन कुमार मंडल और उसके सहयोगी कमल कुमार, विमल कुमार, सचिन कुमार, चंदन कुमार मंडल, विकास कुमार मंडल और नवीन कुमार के माध्यम से मोबाइल की खरीद-फरोख्त शुरू हुई।
शिवकुमार ने बताया कि वह आरोपियों से मोबाइल लेकर नाथनगर चौराहे पर मोबाइल की दुकान चलाने वाले सुशील कुमार को देने लगा। बाद में सुशील कुमार ने भी आरोपियों से सीधे मोबाइल लेना शुरू कर दिया। सात जनवरी को एसओजी ने कुछ ग्राहकों को पकड़ लिया। तब जानकारी हुई कि आरोपी दूसरे लोगों के मोबाइल हैक कर उनके नंबर हासिल करते थे और उन्हीं के माध्यम से मोबाइल की बिक्री करते थे। पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसके साथ जालसाजी और धोखाधड़ी करने के साथ ही साइबर अपराध भी किया गया। स्थानीय थाने पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उसने साइबर क्राइम थाना खलीलाबाद और पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। कार्रवाई न होने पर उसने न्यायालय की शरण ली। एसओ दुर्गेश कुमार पांडेय ने बताया कि मामले में कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।