संतकबीरनगर। अग्रवाल नेत्रालय में ऑपरेशन कराने के बाद आंखों की रोशनी गंवा चुके एक बुजुर्ग की बृहस्पतिवार की रात मौत हो गई। बताया जा रहा है कि आंख में अचानक दर्द शुरू हुआ और कुछ ही देर में खून निकलने लगा। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने चिकित्सक डॉ. अभिनव अग्रवाल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है।
खलीलाबाद के अग्रवाल नेत्रालय में 13 दिसंबर को डॉ. अभिनव अग्रवाल से 11 लोगों ने आंख का ऑपरेशन कराया था। इसके बाद सभी को दोनों आंखों से दिखना बंद हो गया। आरोप है कि डॉक्टर के पास पहुंचे तो उन्हें गोरखपुर रेफर कर दिया गया। इसके बाद सभी पीड़ित अलग-अलग जगहों पर इलाज कराते रहे। वहीं पीड़ितों की शिकायत पर सीएमओ ने तीन सदस्यीय टीम से जांच कराई जिसमें ऑपरेशन के दौरान संक्रमित इंजेक्शन इस्तेमाल किए जाने की पुष्टि हुई।
इस बीच महुली क्षेत्र के सिकरी निवासी एक पीड़ित राजकिशोर (60) की आंखों में बृहस्पतिवार की शाम दर्द शुरू हुआ। कुछ ही देर में आंखों से खून निकलने लगा। परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले रहे थे, रास्ते में ही मौत हो गई। शुक्रवार की सुबह पुलिस को सूचना दी गई जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं राजकिशोर के बेटे अमरजीत ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। अमरजीत की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अग्रवाल नेत्रालय के चिकित्सक डॉ. अभिनव अग्रवाल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है।
000संक्रमण के कारण एक पीड़ित को पीजीआई में निकलवानी पड़ीं दोनाें आंखें
अग्रवाल नेत्रालय में 13 दिसंबर को ऑपरेशन कराने वाले सहजनवां के पिपरौली निवासी प्रमोद सिंह को भी दिखना बंद हो गया था। इसके बाद उनकी आंखों में संक्रमण बढ़ने लगा। इलाज के लिए वह लखनऊ पीजीआई गए। प्रमोद की पत्नी निर्मला सिंह ने बताया कि पीजीआई के चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि आंखों में संक्रमण बढ़ रहा है यह घातक हो सकता है। आखिरकार प्रमोद को दोनों आखें निकलवानी पड़ीं। अभी उनका इलाज पीजीआई में चल चल रहा है। उन्होंने भी डॉ. अग्रवाल पर कार्रवाई की मांग की है।
कोट
सूचना मिलने पर महुली पुलिस सिकरी गांव गई थी। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
- सुशील कुमार सिंह, एएसपी