संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर/ हरिहरपुर। पांच दिन बाद सावन माह शुरू होने जा रहा है। सावन के महीने भर शिवभक्त शिवालयों पर शिव की पूजा आराधना करते हैं।
जिले में सर्वाधिक भीड़ तामेश्वरनाथ शिव मंदिर पर होती है लेकिन श्रद्धालुओं के मंदिर तक पहुंचने के लिए मुकम्मल इंतजाम नहीं हैं। मंदिर तक पहुंचने वाली सड़कों पर जगह-जगह गड्ढा हैं। बिखरी गिट्टियां शिवभक्तों के लिए मंदिर की डगर मुश्किल कर सकती हैं।
30 जुलाई से शुरू हो रहे सावन में महीने भर तामेश्वरनाथ धाम में शिवभक्तों व कांवड़ियों का हुजूम उमड़ता है। रोजाना बड़ी संख्या में जिलेभर से शिवभक्त शिव की पूजा आराधना करने मंदिर पहुंचते हैं। हर रविवार को कांवड़ियों का जत्था सरयू से जल लेकर नंगे पांव मंदिर पहुंचता है। ऐसे में सड़कों पर उखड़ी गिट्टियां और गहरे गड्ढे शिवभक्तों की परीक्षा लेंगे।
कई शिवभक्त लेटते हुए भी मंदिर पहुंचते हैं उनके लिए खराब सड़कें चुनौती बनेंगी। पूर्व प्रधान नरेंद्र नाथ भारती ने बताया कि धनघटा-खलीलाबाद सड़क से मंदिर आने वाली सड़क की स्थिति काफी खराब है। बारिश में सड़क पर बने गड्ढों में पानी भर जाता है।
यही हाल मंदिर से रामपुर होते हुए मोलनापुर जाने वाली सड़क का भी है। गिरधरपुर की ओर से आने वाली सड़क अधूरी छोड़ दी गई है। उन्होंने बताया कि सावन के महीने में इस बार चार सोमवार पड़ रहे हैं। हर रविवार को कांवड़ियों का जत्था इन्ही सड़कों से होकर नंगे पांव मंदिर पहुंचता है लेकिन अभी तक सड़कों की मरम्मत नहीं हो सकी है। इससे समस्या बढ़ सकती है।
ओम अनुपम भारती ने बताया कि पीडब्ल्यूडी की ओर से सड़क के गड्ढों को भरने के लिए रोड़े डालकर रोलर से दबाया गया है, लेकिन सड़क पर इतने गड्ढे हो गए हैं कि उन्हें बराबर कर पाना संभव नहीं है। बारिश में गड्ढों में डाले गए पत्थर भी शिवभक्तों के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं।
मंदिर परिसर की सफाई में जुटे नगर पालिका के कर्मी ः हरिहरपुर। तामेश्वरनाथ धाम में महीने भर चलने वाले मेले और शिवभक्तों की भीड़ के मद्देनजर साफ सफाई की गई।
नगर पालिका खलीलाबाद के दर्जन भर सफाई कर्मचारियों ने परिसर और मंदिर के पीछे जमा कचरे की साफ-सफाई की। दूसरी तरफ तामेश्वरनाथ मंदिर परिसर में बिजली के ढीले तारों को कसने के लिए बिजली निगम के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। शाॅर्ट-सर्किट से किसी प्रकार की अनहोनी न होने पाए इसके लिए तारों को ठीक करने की प्रक्रिया जारी है।