धनघटा। धनघटा तहसील क्षेत्र में दो जिलो के बीच सीमा विवाद का समाधान नहीं निकल पाया है। अंबेडकरनगर जनपद की सीमा में स्वीकृत बालू खनन के पट्टे पर संतकबीरनगर जिले की सीमा में बालू खनन को लेकर किसानों में आक्रोश व्याप्त है। तेजपुर गांव के किसानों ने इसकी शिकायत डीएम से की। डीएम ने सीमा विवाद निपटारे के लिए एसडीएम धनघटा को टीम गठित करने के लिए निर्देशित किया है। एसडीएम ने पौमाइश के लिए दस सदस्यीय टीम का गठन किया है। टीम में तीन राजस्व निरीक्षक व सात लेखपाल शामिल हैं।
अंबेडकरनगर जनपद के टांडा तहसील अंतर्गत मांझा केवटली में बालू खनन का पट्टा स्वीकृत किया गया है। बालू खनन शुरू हुआ तो धनघटा तहसील के ग्राम तेजपुर के किसानों ने विरोध शुरू कर दिया कि बालू खनन जनपद की सीमा में घुसकर किया जा रहा है। किसानों के विरोध को देखते हुए अंबेडकर नगर के टांडा तहसील की टीम ने सीमा की पैमाइश की। लेकिन, पैमाइश को तेजपुर के किसानों ने एकतरफा बताते हुए उसे मानने से इन्कार कर दिया।
तेजपुर के ग्राम प्रधान रामचंद्र, सुग्रीव, दामोदर, प्रहलाद, रामनयन, राधेश्याम आदि का कहना है कि नदी के उत्तरी छोर से पैमाइश कराए जाने पर हम लोगों की जमीन नदी के किनारे तक पहुंचती है। लेकिन गलत ढंग से पैमाइश करके अंबेडकरनगर जिले के कुछ लोग संतकबीरनगर की सीमा में घुसकर बालू खनन करना चाह रहे हैं। धनघटा तहसील क्षेत्र के किसान नदी द्वारा छोड़े गए पाट पर अपनी खेती की जमीन होने का दावा कर रहे हैं।
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दो जिलों के बीच सीमा विवाद के निपटारे को लेकर दस सदस्यीय टीम गठित की गई है। टीम मौके पर जाकर पैमाइश करेगी। उसके बाद स्थित स्पष्ट हो सकेगी। -डॉ. सुनील कुमार, एसडीएम धनघटा, संतकबीरनगर