लोहरैया। बच्चों में पढ़ने-लिखने से जुड़ी कठिनाइयों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और डिस्लेक्सिया को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से शिक्षा क्षेत्र हैंसर बाजार के उच्च प्राथमिक विद्यालय मदरा, उच्च प्राथमिक विद्यालय धनघटा समेत कई विद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को डिस्लेक्सिया पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई।
इसके माध्यम से बच्चों और शिक्षकों को विशिष्ट अधिगम कठिनाई के प्रति जागरूक करते हुए समावेशी शिक्षा का संदेश दिया गया। अभियान में खंड शिक्षा अधिकारी हैंसर बाजार ज्ञान चंद्र मिश्र ने सहभागिता की।
उन्होंने बच्चों और शिक्षकों को से कहा कि प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता और जरूरतें अलग-अलग होती हैं। ऐसे में शिक्षकों को बच्चों की कठिनाइयों को समझते हुए उन्हें सीखने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना चाहिए, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सके।
उन्होंने बताया कि डिस्लेक्सिया एक विशिष्ट अधिगम कठिनाई है, जिसमें बच्चों को पढ़ने, शब्दों की पहचान करने और लिखित भाषा समझने में परेशानी हो सकती है। इसका बच्चे की बुद्धिमत्ता से सीधा संबंध नहीं है। उचित शिक्षण पद्धति, धैर्य और प्रोत्साहन से ऐसे बच्चों को सीखने में मदद मिल सकती है।
उच्च प्राथमिक विद्यालय मदरा में आयोजित कार्यक्रम में प्रभारी प्रधानाध्यापक वेद प्रकाश त्रिपाठी, अखिलेश कुमार सोनी, पूनम यादव, भागवत आदि उपस्थित रहे।